बुरहानपुर स्थित ऑल इज़ वेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में पहली बार एक जटिल किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया। इस सर्जरी में मां ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान कर दी, जिससे पूरे अस्पताल में भावुक माहौल बन गया।
मां रजनी ने अपने बेटे प्रांजल को नया जीवन देने के लिए सबसे बड़ा त्याग करते हुए किडनी दान की। इस मानवीय और भावनात्मक निर्णय ने हर किसी को भावुक कर दिया और ममता व प्रेम की मिसाल पेश की।
इस सफल सर्जरी में डॉक्टर मधुर और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह ऑपरेशन पूरी तरह सुरक्षित और सफल रहा, जिससे मरीज को नया जीवन मिला।
हॉस्पिटल के संस्थापक अध्यक्ष आनंद प्रकाश चौकसे ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि अब बुरहानपुर जैसे शहरों में भी बड़े शहरों जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं मैनेजिंग डायरेक्टर कबीर चौकसे ने इसे पूरी मेडिकल टीम की मेहनत और विश्वास का परिणाम बताया।
मरीज के पिता राजेश काटेकर ने बताया कि बेटे की जान बचना उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने कहा कि जहां नागपुर में इलाज की लागत लगभग 12 लाख रुपये बताई गई थी, वहीं यहां केवल 50 हजार रुपये में सफल उपचार संभव हो सका।