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Indore: अब इंदौर के महू में दूषित पानी का कहर, 19 बच्चे समेत 25 लोग बीमार

स्थानीय रहवासियों ने बताया कि नर्मदा जल की पाइपलाइन से गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा था। इसी पानी के सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े। फिलहाल दूषित पेयजल से बीमार करीब 9 मरीजों का अस्पताल में इलाज जारी है।

By: Abhinav Tiwari 
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Indore: अब इंदौर के महू में दूषित पानी का कहर, 19 बच्चे समेत 25 लोग बीमार

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल कांड के बाद अब महू क्षेत्र में भी गंदे पेयजल ने स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। महू के पट्टी बाजार और चन्दर मार्ग इलाके में दूषित पानी पीने से 19 बच्चे सहित करीब 25 लोग बीमार हो गए हैं। प्रभावित लोगों में पीलिया, टाइफाइड और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों के लक्षण सामने आए हैं। कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ का उपचार घर पर चल रहा है।

नर्मदा लाइन से आ रहा बदबूदार और मटमैला पानी

स्थानीय रहवासियों ने बताया कि नर्मदा जल की पाइपलाइन से गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा था। इसी पानी के सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े। फिलहाल दूषित पेयजल से बीमार करीब 9 मरीजों का अस्पताल में इलाज जारी है।

विधायक और कलेक्टर ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर ने संक्रमित इलाकों और अस्पताल का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की। वहीं सूचना के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा भी देर रात महू पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और प्रभावित रहवासियों से चर्चा कर स्थिति का जायजा लिया।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, विशेषज्ञ टीम मौके पर तैनात

कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर सुबह से स्वास्थ्य अमला मौके पर तैनात है। उन्होंने बताया कि इंदौर मेडिकल कॉलेज की टीम और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी मौके पर भेजा जा रहा है, ताकि सभी मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

पानी की गुणवत्ता जांच और स्वच्छता के निर्देश

कलेक्टर शिवम वर्मा ने महू कैंट बोर्ड को पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने और क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा कि जिन लोगों में किसी भी प्रकार के लक्षण पाए जाएंगे, उनका मौके पर ही उपचार किया जाएगा और गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।

स्थिति नियंत्रण में, कुछ मरीज आज होंगे डिस्चार्ज

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि फिलहाल किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है। अस्पताल में भर्ती मरीजों का उपचार लगातार जारी है और कुछ मरीजों को आज ही डिस्चार्ज किए जाने की संभावना है। प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में सर्वे अभियान भी शुरू किया जा रहा है। दूषित जल से उपजे इस नए संकट ने प्रशासन और नगर व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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