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तालाबंदी का खौफ : एक बार फिर सड़कों पर उमड़ पड़ा प्रवासी मजदूरों का जन सैलाब, दिल्ली से महाराष्ट्र तक…

By: Amit ranjan 
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तालाबंदी का खौफ : एक बार फिर सड़कों पर उमड़ पड़ा प्रवासी मजदूरों का जन सैलाब, दिल्ली से महाराष्ट्र तक…

नई दिल्ली : कोरोना के बढ़ते केस ने एक बार फिर देश को उसी दो राहों पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिसमें से किसी ना किसी एक राह को चुनना अत्यंत आवश्यक है। पहला है देश और राज्य की अर्थव्यवस्था, जिसे अगर हम सुचारू रूप से चलाने की कोशिश करते है, तो कोरोना महामारी नामक ड्रैगन जिसने पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले रखा है, वो और भी विनाशक हो सकता है। जिसे आपने पिछले दिनों आने वाले केस और मौतों की संख्या से समझा गया है। वहीं दूसरा रास्ता है कोरोना में लगे नियमों का सख्ती से पालन या लॉकडाउन।

आपको बता दें कि इस बढ़ते महामारी को लेकर एक तरफ जहां महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली ने अपने राज्यों में लॉकडाउन लगाया है तो वहीं योगी सरकार इस साल इस महामारी से निपटने के लिए कोरोना में लगे नियमों और सख्त कर रही है। जिससे इस महामारी को कंट्रोल किया जा सकें। इन्हीं सब खबरों के बीच दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र से एक नजारा सामने आया है, जिसने पिछले सालों को याद को ताजा कर दिया।

कोरोना महामारी को लेकर कुछ राज्यों में लगे लॉकडाउन के बाद सड़कों पर प्रवासी मजदूरों का जन सैलाब उड़ गया है। उन्हें अंदेशा है कि कहीं एक बार फिर यह लॉकडाउन आगे ना बढ़ाया जायें। क्योंकि वे नहीं चाहते कि इस बार उन्हें किसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसलिए वो समय रहते अपने घरों को पहुंच जाना चाहता है। जिसका नजारा दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान के सड़कों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला।

दिल्ली के मजदूरों की एक ही शिकायत है कि काफी मुश्किल से काम शुरू हो पाया था, लेकिन फिर लॉकडाउन लग गया है। ऐसे में पिछली बार की तरह ये लॉकडाउन फिर से बढ़ाया जाए, इसलिए वक्त रहते ही घर जाना सही होगा।

आपको बता दें कि राजस्थान की सरकार ने अपने यहां 15 दिन के मिनी लॉकडाउन का ऐलान किया है, ऐसे में जयपुर में काम करने वाले 32 साल के मनोज बिहार के गया वापस आ रहे हैं। मनोज का कहना है कि वो एक साल घर रहने के बाद कुछ वक्त पहले ही वापस आए थे और काम की शुरुआत होने लगी थी। लेकिन फिर लॉकडाउन लग गया है, जिसके कारण संकट पैदा हुआ है। बता दें कि ये

हाल सिर्फ मनोज का ही नहीं, बल्कि यहां काम करने वाले अधिकतर मजदूरों की यही कहानी है। राजस्थान सरकार ने अपने यहां जो मिनी लॉकडाउन लगाया है, वो बिल्कुल महाराष्ट्र की तरह ही है जो कि 3 मई तक जारी रहेगा।

महाराष्ट्र से लगातार जारी है पलायन

महाराष्ट्र में लगातार कोरोना का प्रकोप जारी है और मजदूरों का पलायन भी लगातार हो रहा है। मुंबई, नासिक, नागपुर, पुणे, ठाणे समेत कई इलाकों से पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेनों में भर-भर कर मजदूरों की वापसी हो रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल जो हुजूम लगातार सड़कों पर उमड़ रहा है, उसका दोषी कौन है? क्योंकि अगर इन राज्यों की सरकार पिछले साल योगी सरकार की भांति लोगों का विश्वास जीतने में कामयाब रहती हैं, तो ऐसी स्थिति कभी उत्पन्न नहीं होती। लेकिन इनके लापरवाह और बेपरवाह कदमों ने एक बार फिर साल 2020 के नजारों को ताजा कर दिया है।

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