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ममता के मंत्रिमंडल में शामिल हुए नारद घोटाले में फंसे फरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी, राज्यपाल ने बताया गैर जिम्मेदार

By: Amit ranjan 
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ममता के मंत्रिमंडल में शामिल हुए नारद घोटाले में फंसे फरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी, राज्यपाल ने बताया गैर जिम्मेदार

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ह्वील चेयर पर बैठी ममता बनर्जी अब ह्वील चेयर से उतर कर सीएम पद की शपथ ले चुकी है। और अब वो सीएम की कुर्सी पर बैठ चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरूआत की। लेकिन इस कार्यकाल में भी उन्होंने खुद पर दाग लगाने में कोई कोताही नहीं बरती, और नारद घाटालें शामिल में फंसे फरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी को अपने मंत्रिमंडल में जगह दिया। जिसे लेकर एक बार फिर पश्चिम बंगाल की सियासत में चर्चा जोरों-शोरों से है।

आपको बता दें कि ये नारद घोटाला, वहीं घोटाला है, जो अपने घोटाले के कारण बहुत सुर्खियों में रहा। क्योंकि इसमें सिर्फ अमीर लोगों के ही पैसे नहीं, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार के भी पैसे थे, जो घोटाले के भेंट चढ़ गया। वहीं अभी तक इस घोटालें पर कोई नतीजा नहीं आ सका है। आपको बता दें कि इन दोनों के खिलाफ   राज्यपाल ने CBI को केस चलाने की अनुमति दी है। इस बीच राज्यपाल ने ममता सरकार को गैर जिम्मेदार बताकर सनसनी फैला दी है। इस बीच नंदीग्राम से भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता चुने गए हैं।

शपथ के साथ विवाद

शपथ ग्रहण से पहले ही राज्य में चौंकाने वाला घटनाक्रम हुआ। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने नारद घोटाले में 4 नेताओं पर केस चलाने की अनुमति दी। इस मामले की जांच CBI कर रही है। बता दें कि ये नेता हैं फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और सोवन चटर्जी। रविवार को जिन 43 मंत्रियों की लिस्ट जारी की गई थी, उनमें फरहाद और सुब्रत का नाम भी शामिल था। इसके बाद से ही मंत्रिमंडल को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले में भाजपा में शामिल होकर ममता बनर्जी को हरा चुके सुवेंदु अधिकारी का नाम भी शामिल था, लेकिन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने उन पर मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी थी।

बता दें कि ममता बनर्जी की कैबिनेट में सुब्रत मुखर्जी, पार्थ चटर्जी, फरहाद हकीम, अरूप विश्वास, सुजीत बोस, चंद्रिमा भट्टाचार्य और शशि पांजा ने वापसी की है। वहीं, राज्यसभा सदस्य मानस भुइयां को भी कैबिनेट जगह मिली है। इस बार वे विधानसभा का चुनाव लड़े थे।

 

क्या है नारद घोटाला

2016 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नारद न्यूज के सीईओ मैथ्यु सैमुअल ने एक स्टिंग वीडियो जारी किया था। इसमें वे एक कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर तृणमूल कांग्रेस के तत्कालीन 7 सांसदों, तीन मंत्रियों और कोलकाता नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी को काम कराने के एवज में रिश्वत देते नजर आ रहे थे। इस मामले ने राजनीति भूचाल ला दिया था। सीबीआई बंगाल में हुए शारदा, रोजवैली सहित कई चिटफंड घोटालों की जांच कर रही है, नारद उनमें एक है।

राज्यपाल ने सरकार को बताया गैर जिम्मेदार

इस बीच राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता को गैर जिम्मेदार बताकर सनसनी फैला दी है। राज्यपाल ने कहा कि, लोकतंत्र में लोगों ने वोट करने का फैसला किया इसलिए उन्हें अपनी ज़िदगी और मानव अधिकारों की कीमत चुकानी पड़ रही है। अगर आपका वोट आपकी मौत, संपत्ति की तोड़-फोड़ और लूट का कारण बनता है तो ये लोकतंत्र का अंत है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया था कि वे हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करना चाहते हैं और हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराया जाए। सरकार ने लिखित में कोई भी जवाब देने से मना कर दिया और अनाधिकारिक तौर पर कहा कि हेलिकॉप्टर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।

43 नए मंत्रियों को दिलाया शपथ

मंत्रिमंडल में 18 नए चेहरे शामिल किए गए हैं। 24 विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल में पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर खान को मंत्री बनाया गया है। उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। चंदननगर के पूर्व पुलिस आयुक्त (CP) हुमायूं कबीर ने जनवरी में रिटायरमेंट से 3 महीने पहले इस्तीफा दे दिया था। साल 2003-बैच के कबीर 9 फरवरी को टीएमसी में शामिल हुए थे। 19 मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा को फिर मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। हालांकि वे इस बार स्वास्थ्य खराब होने से चुनाव नहीं लड़े हैं। वे खड़दह से चुनाव लड़ते रहे हैं। मंत्रिमंडल में 8 महिलाओं को जगह दी गई है। वहीं नए चेहरों में हुमायूं कबीर के अलावा पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी भी शामिल हैं।

आपको बता दें कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आज 43 नए मंत्रियों को शपथ दिलाया है, जिसमें से ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में 24 को कैबिनट मंत्री पद दिया जाएगा तो 19 नेताओं को मंत्री पद दिया जाएगा। इन 19 मंत्रियों में से कुछ को स्वतंत्र प्रभार के तौर पर रखा जाएगा तो कुछ मंत्रियों को राज्य मंत्री का प्रभार मिलेगा। ममता के नए मंत्रिमंडल में कई पुराने चेहरों को शामिल किया है तो वहीं कई युवा चेहरों को भी जगह दी गई है। ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में युवा और अनुभवी चेहरे एक साथ देखने को मिलेंगे।

सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गृह मंत्रालय के अलावा स्वास्थ्य विभाग अपने पास रख सकती हैं।

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