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ई-गवर्नेंस से प्रदेश में आएगी पारदर्शिता और समय की बचत- CM डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि “संकल्प से समाधान अभियान” की शुरुआत 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस से की गई है।

By: Abhinav Tiwari 
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ई-गवर्नेंस से प्रदेश में आएगी पारदर्शिता और समय की बचत- CM डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रीगण को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में ई-गवर्नेंस व्यवस्था से पेपरलेस कार्यप्रणाली, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री आज टैबलेट के साथ मंत्रि-परिषद की बैठक में पहुंचे। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को हुई बैठक में उनकी पहल पर ई-कैबिनेट प्रक्रिया शुरू करने के उद्देश्य से सभी मंत्रीगण को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे और ई-टैबलेट एप्लीकेशन का प्रस्तुतिकरण भी किया गया था।

संकल्प से समाधान अभियान: 16 विभागों की 91 योजनाओं का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि “संकल्प से समाधान अभियान” की शुरुआत 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस से की गई है। यह अभियान चार चरणों में 31 मार्च 2026 तक संचालित होगा। इसके अंतर्गत 16 विभागों की 91 योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को दिया जाएगा।

अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आवेदन प्राप्त करने का रहेगा। दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक शिविरों के माध्यम से आवेदनों का निराकरण होगा। तीसरे चरण में 16 से 26 मार्च तक ब्लॉक स्तर पर शिविर लगेंगे, जबकि चौथे चरण में 26 से 31 मार्च तक जिला स्तर पर लंबित आवेदनों और शिकायतों का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

स्वच्छ जल अभियान: हर नागरिक तक शुद्ध पेयजल का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ जल अभियान के माध्यम से हर नागरिक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अभियान दो चरणों में संचालित होगा-पहला चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी और दूसरा चरण 1 मार्च से 31 मार्च तक।

इसके तहत सभी जल शोधन संयंत्रों और पेयजल टंकियों की सफाई की जाएगी, जिसकी निगरानी GIS मैप आधारित एप से होगी। आमजन की शिकायतों के लिए 181 हेल्पलाइन पर विशेष व्यवस्था की गई है। हर मंगलवार को जल सुनवाई आयोजित होगी। मुख्यमंत्री ने इस अभियान की सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

मकर संक्रांति: शुभ परिवर्तन और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व शुभ परिवर्तन, आत्मबल और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को नर्मदापुरम के बाबई से लाड़ली बहनों के खातों में 1500 रुपये की जनवरी माह की किश्त अंतरित की जाएगी। उन्होंने पतंगबाजी और अन्य आयोजनों के दौरान चाइनीज मांझे के उपयोग के प्रति विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: सनातन संस्कृति की निरंतरता का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर 8 से 11 जनवरी 2026 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी क्रम में उन्होंने विदिशा जिले के उदयपुर स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि अयोध्या, उज्जैन, वाराणसी और सोमनाथ जैसे तीर्थ आज भारत की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक बन चुके हैं।

कृषक कल्याण वर्ष 2026: किसानों के लिए ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान डिंडौरी में श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र, ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी।

अगले तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पावर पंप दिए जाएंगे। सिंचाई रकबा 65 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। 16 विभाग वर्षभर किसानों के हित में योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करेंगे।

जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा: असम से आएंगे गेंडे और जंगली भैंसे

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ चर्चा के बाद वन्य जीवों के आदान-प्रदान पर सहमति बनी है। इसके तहत असम से 50 जंगली भैंसे, एक गेंडे का जोड़ा और किंग कोबरा मध्य प्रदेश लाए जाएंगे। गेंडे का जोड़ा वन विहार भोपाल में रखा जाएगा। इसके बदले मध्य प्रदेश असम को टाइगर, मगरमच्छ और गौर उपलब्ध कराएगा।

हथकरघा और स्टार्ट-अप को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने असम प्रवास के दौरान सुआलकुची (सिल्क विलेज) में रेशम उत्पादन की प्रक्रिया देखी और कहा कि मध्य प्रदेश में चंदेरी, महेश्वरी और बाघ प्रिंटिंग जैसी पारंपरिक हथकरघा कलाओं को और बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6500 से अधिक स्टार्ट-अप पंजीकृत हैं, जिनमें से 3100 से अधिक का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित एमपी स्टार्ट-अप समिट 2026 में कई स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता और एमओयू के माध्यम से प्रोत्साहन दिया गया।

विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ई-गवर्नेंस, किसान कल्याण, स्वच्छ जल, जैव विविधता संरक्षण और स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों में लिए गए निर्णय विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यह पहल प्रदेश को पारदर्शी, समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे ले जाएगी।

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