बुरहानपुरः जिले की ग्राम पंचायत श्मशान घाट की बदहाली ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां हालात ऐसे हैं कि लोगों को अंतिम संस्कार जैसे गंभीर और भावनात्मक समय में भी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है।
ग्राम के श्मशान घाट में न तो पानी की कोई व्यवस्था है और न ही बिजली की सुविधा उपलब्ध है। अंधेरे और अव्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रहा है। इसके अलावा पूरे परिसर में साफ-सफाई का अभाव साफ नजर आता है। चारों ओर फैली झाड़ियां और गंदगी इस स्थान की उपेक्षा को दर्शाती हैं।
स्थिति इतनी खराब है कि श्मशान घाट में बना टीन शेड भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, जिससे बरसात या तेज धूप के दौरान अंतिम संस्कार करने आए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शासन-प्रशासन द्वारा श्मशान घाटों के विकास के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन घाघरला की यह तस्वीर उन दावों की सच्चाई बयां कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जीवनभर संघर्ष करने के बाद जब इंसान इस दुनिया से विदा होता है, तब भी उसे सम्मानजनक विदाई और सुकून नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।
बुरहानपुर से संवाददाता राजवीर राठौर की रिपोर्ट