नागरिकता कानून लागू होने के बाद से ही देश में कई जगह सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये और दिल्ली में शाहीन बाग़ इस प्रदर्शन का पर्याय बन गया है। दरअसल शाहीन बाग़ में डेढ़ महीने से भी अधिक समय से हज़ारों महिलायें और बच्चे धरना दे रहे है और उन्हें विपक्ष का समर्थन भी मिल रहा है।
वही इन लोगों की वजह से करोड़ों लोगो को परेशानी उठानी पड़ रही है और केंद्र-राज्य के बीच संवाद का अभाव लोगों की दिक्क्तें बढ़ा रहा है और ऐसे में अब शाहीन बाग़ पर बयानबाजी भी तेज हो गयी है।
इसी बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों को विदेशों से फंडिंग की जा रही है। घोष के इस बयान ने विवाद पैदा कर दिया है। उन्होनें कहा की ये जितने भी लोग धरना दे रहे है उन्हें शाहीन बाग़ में बिरयानी खिलाई जा रही है और इसको कहीं और से फंड किया जा रहा है।
आपको बता दे कि इससे पहले यह चर्चाये भी आयी है कि शाहीन बाग़ में बैठी कुछ महिलाओं का दल गृह मंत्री अमित शाह से मिलेगा लेकिन अभी तक गृह मंत्रालय की और से ऐसी कोई पुष्टि नहीं की गयी है।