नई दिल्ली : कोरोना महामारी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसे लेकर अब कोरोना वैक्सीन पर भी सवाल उठने लगे है। क्योंकि जिस कदर लोग कोरोना वैक्सीन लेने के बावजूद भी संक्रमित हो रहे है, उसे लेकर लोगों में वैक्सीनेशन के प्रति विश्वास खत्म होता जा रहा है और वे वैक्सीनेशन कराने से भी बच रहे है। हालांकि पहले ही पीएम मोदी ने कहा था कि कोरोना वैक्सीनेशन कोरोना महामारी से लड़ने का एक उपाय है। इसके बावजूद भी आपको कोरोना संबंधित नियमों का पालन करना होगा। यह वैक्सीन कोरोना महामारी को खत्म नहीं करता, बल्कि उस महामारी को आपके शरीर में आने से रोकने की कोशिश करता है।
आपको बता दें कि दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के बाद अब दिल्ली एम्स के भी 35 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव हो गये है। खास बात ये है कि संक्रमित हुए सभी डॉक्टर कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके है। बता दें कि इससे पहले गंगाराम अस्पताल के 37 डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो गये थे, जिसके बाद केजरीवाल सरकार हरकत में आ गई है।
आपको बता दें कि दिल्ली में पिछले 5 दिनों के कोरोना के आंकड़े फिर से डराने लगे है। दिल्ली में 4 अप्रैल को 4033, 5 अप्रैल को 3548, 6 अप्रैल को 5100, 7 अप्रैल को 5506 और 8 अप्रैल को 7437 नए मामले सामने आए हैं। चिंता की बात ये है कि इस बार मुंबई की तरह ही दिल्ली में मौत की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
कोरोना को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने कदम तो उठाए, नाइट कर्फ्यू की पाबंदी भी लगाई लेकिन आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। इसलिए सिर्फ वैक्सीन लगा लेना कोरोना से बचाव की गारंटी नहीं हो सकता। मास्क जरूरी है, सोशल डिस्टेंसिंग की सख्ती जारी रहेगी…और साथ में टीके का कवच भी लगाना होगा।