देश में नागरिकता कानून के पास होने के बाद से ही लगातार हिंसा फैलाने की कोशिश की जा रही है, शाहीन बाग़ में 70 दिनों से जारी धरने का समाधान निकला भी नहीं था कि 21 फरवरी के बाद से ही दिल्ली के उत्तरी पूर्वी इलाकों में अचानक से हिंसा फ़ैल गयी जिसमे 25 से अधिक नागरिकों को अपनी जान कुर्बान करनी पड़ी है।
इस हिंसा के बाद खुद देश के सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने खुद मोर्चा संभाला और हिंसा प्रभावित इलाकों में दौरा कर लोगों में भरोसा पैदा करने की कोशिश की है। वही अब सूचना प्रसारण मंत्रालय ने भी दिल्ली हिंसा को ध्यान में रखते हुए निजी टीवी चैनेलों को सलाह दी है।

इस एडवाइजरी में कहा गया कि यह दोहराया जाता है कि सभी टीवी चैनलों को ऐसे कंटेंट के संबंध में विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, जिससे हिंसा को प्रोत्साहित करने या उकसाने की आशंका है। या फिर कानून व्यवस्था के विरुद्ध कुछ हो या जो राष्ट्रविरोधी दृष्टिकोण को बढ़ावा देता हो।
इसके अलावा यह भी कहा गया है की ऐसा कोई भी कंटेंट जो धर्म या समुदाय के शब्दों पर हमला हो उसे ना ही प्रयोग किया जाएगा और ना ही उसे प्रसारित किया जाएगा।