नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली में हुई हिंसा अब रुकने का नाम नहीं ले रही है और धीरे धीरे उपद्रवियों ने दिल्ली के कई हिस्सों को आग के हवाले कर दिया है। आज सुबह से ही दिल्ली के कई इलाकों से पत्थर बाजी की घटना सामने आयी और दिन चढ़ते चढ़ते यह हिंसा में तब्दील हो गयी।
वैसे तो इस हिंसा में 9 से अधिक मौत हो गयी है और सैकड़ो लोग घायल हो गए है लेकिन इस हिंसा का शिकार पत्रकार भी हुए है, एक पत्रकार का काम जनता के बीच जाकर उसी के सरोकार से जुड़ी खबरे दिखाने का होता है लेकिन वही लोग जब उन्ही लोगों को मारने पीटने लग जाए तो कैसे पत्रकारिता जीवित रह पाएगी ?
हिंसा प्रभावित इलाके में रिपोर्टिंग कर रहे दो अलग-अलग चैनल के पत्रकारों को भी इस हिंसा का खामियाजा उठाना पड़ा है, ‘JK24X7 News’ चैनल में बतौर रिपोर्टर कार्यरत आकाश घायल है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है वही NDTV के दो पत्रकार भी घायल हुए है।
इसकी पुष्टि खुद निधि राज़दान ने की है, एनडीटीवी की एग्जिक्यूटिव एडिटर निधि राजदान ने ट्विटर पर लिखा कि भीड़ ने उनके दो सहकर्मियों अरविंद गुनासेकर और सौरभ शुक्ला को बेरहमी से पीटा है।
आपको बता दे कि इस हिंसा के मद्देनज़र आज अमित शाह ने बैठक भी की है और RNI न्यूज़ ऐसी हर घटना की निंदा करता है जिसमे पत्रकारों को निशाना बनाया जाए और हमारी अपील है की इस हिंसा को जल्द से जल्द रोकने के उपाय हो।