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MP News: किसान वर्ष, गो-रक्षा और इंदौर जल संकट पर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

गो-रक्षा के विषय पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गोमांस पर जीरो टैक्स नीति के बावजूद भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गौमांस के अवशेष मिलने की बातें सामने आई हैं।

By: Abhinav Tiwari 
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MP News: किसान वर्ष, गो-रक्षा और इंदौर जल संकट पर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

राजधानी भोपाल में जारी बयान में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने 2026 को ‘किसान वर्ष’ घोषित किए जाने, गो-रक्षा की नीतियों और इंदौर के जल संकट-तीनों पर सवाल उठाए।

‘किसान वर्ष’ पर सवाल, दिखावे का आरोप

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री द्वारा 2026 को ‘किसान वर्ष’ घोषित करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ट्रैक्टर चलाने और गाय को रोटी खिलाने जैसे कार्यक्रम केवल प्रतीकात्मक हैं। उनका आरोप है कि यदि सरकार किसानों के हित में गंभीर होती, तो किसानों के कर्ज और उनकी वास्तविक समस्याओं पर ठोस निर्णय लेती।
उन्होंने कहा, केवल पंडाल लगाने से कुछ नहीं होता, किसानों के कर्ज की चिंता होनी चाहिए।”

गो-रक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा

गो-रक्षा के विषय पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गोमांस पर जीरो टैक्स नीति के बावजूद भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गौमांस के अवशेष मिलने की बातें सामने आई हैं। पटवारी का कहना है कि बीजेपी गाय की रक्षा के नाम पर राजनीति करती है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।

इंदौर जल संकट पर गंभीर आरोप

इंदौर के जल संकट को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदूषित पानी पीने से लोगों की जान गई है और इसे उन्होंने “सरकारी हत्याएं” करार दिया। उन्होंने इस मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे चुनावी राजनीति बताया है। पार्टी का कहना है कि इंदौर जल संकट से जुड़ी मौतों के आधिकारिक आंकड़े कांग्रेस के दावों से कम हैं और सरकार स्थिति पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

सियासत तेज, जवाब का इंतजार

आगामी चुनावों से पहले मध्यप्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन मुद्दों पर क्या ठोस जवाब देती है और विपक्ष के आरोपों का किस तरह खंडन करती है।

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