आज पूरा देश होली के रंगो में सरोबार है लेकिन कांग्रेस का सियासी संकट ऐसा गहराएगा ये तो किसी ने नहीं सोचा था, कांग्रेस के सबसे विश्वासपात्र नेता ने आज इस्तीफा दे दिया जिसमे उन्होनें लिखा की आपको अच्छी तरह पता है कि पिछले एक साल से यह मार्ग प्रशस्त किया गया है। आज भी मैं अपने राज्य और देश के लोगों की रक्षा करने के अपने लक्ष्य और उद्देश्य पर अडिग हूं।
वही पीएम से मिलने के बाद सिंधिया ने जैसे ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया, कांग्रेस के नेता उन पर भड़क गए है, अधीर रंजन ने तो उन्हें गद्दार कहते हुए बयान दिया की ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी से निकाल दिया गया है। हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था, पार्टी से गद्दारी करने वाले के साथ तो ऐसा ही करना पड़ेगा।
वही कांग्रेस नेता अरुण यादव ने तो सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए उनपर जमकर हमला बोला है, उन्होंने लिखा कि सिंधिया खानदान ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी जिस अंग्रेज हुकूमत और उनका साथ देने वाली विचारधारा की पंक्ति में खड़े होकर उनकी मदद की थी।
आगे उन्होंने सिंधिया को जयचंद तक कह दिया, उन्होनें लिखा की आने वाला वक़्त अपने स्वार्थों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के 15 वर्षों तक किए गए ईमानदारी पूर्ण जमीनी संघर्ष के बाद पाई सत्ता को अपने निजी स्वार्थों के लिए झोंक देने वाले जयचंदों – मीर जाफरों को कड़ा सबक सिखाएगा ।