राजधानी भोपाल स्थित रवींद्र भवन में सोमवार को मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर समिट का विधिवत उद्घाटन किया और स्टार्टअप्स एवं इनोवेशन प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न स्टार्टअप्स द्वारा विकसित आधुनिक तकनीक, उपकरण और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश और प्रदेश में स्टार्टअप्स, रिसर्च और इनोवेशन को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने युवाओं और नवोदित उद्यमियों से आह्वान किया कि वे स्टार्टअप और स्वरोजगार के नए अवसरों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप सहित अनेक गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समिट के दौरान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग के सहयोग से 4 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन MoU के माध्यम से स्टार्टअप्स को तकनीकी सहयोग, मेंटरशिप और बाजार से जुड़ाव में मदद मिलेगी, जिससे प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम और सशक्त होगा।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 21 स्टार्टअप्स को 8 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई। कुल मिलाकर इस अवसर पर 170 से अधिक स्टार्टअप्स को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितलाभ प्रदान किए गए। नवाचार को बढ़ावा देने वाले चयनित स्टार्टअप्स को मंच से सम्मानित भी किया गया।

समिट के दौरान प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया गया और स्टार्टअप बुकलेट का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10.22 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन एवं ऋण राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से स्टार्टअप्स को वितरित की। इससे प्रदेश के स्टार्टअप्स को आर्थिक संबल मिलेगा और नवाचार को नई गति प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने समिट के साथ-साथ राजगढ़ जिले के सारंगपुर में आयोजित युवा संगम रोजगार मेला 2026 में वर्चुअली भाग लेकर युवाओं और उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और स्वरोजगार के माध्यम से युवा न केवल अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 जैसे आयोजनों से प्रदेश में इनोवेशन और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा। मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 का यह आयोजन राज्य में नवोन्मेष, युवा शक्ति और उद्यमिता के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है और यह स्पष्ट संदेश देता है कि प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स और युवाओं को हर संभव समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।