दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्लीवासियों के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में दिल्ली सरकार ने हर क्षेत्र में लोगों के लिए काम किया है और अब नई पॉलिसी और योजनाओं के जरिए दिल्ली को एक मॉर्डन शहर बनाने का लक्ष्य है।
आतिशी ने कहा, “कुछ राजनीतिक दलों ने अरविंद केजरीवाल को रोका, जिससे दिल्ली में हो रहे काम पर असर पड़ा। उन्होंने केजरीवाल को जेल भेजा, जिस वजह से कई योजनाएं रुक गईं, जैसे ईवी पॉलिसी और पेंशन स्कीम। अब हमारी कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में फिर से ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) पॉलिसी शुरू की जा रही है। 2019-20 में दिल्ली में ईवी वाहनों का आंकड़ा सिर्फ 4% था, लेकिन अब 2023-24 में यह बढ़कर 12% हो गया है, जो देश में सबसे ज्यादा है। 1 जनवरी 2024 से, जो भी व्यक्ति इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेगा, उसे सब्सिडी मिलेगी। साथ ही, ईवी वाहनों पर रोड टैक्स की छूट भी दी जाएगी।
दिल्ली सरकार एससी/एसटी और विकलांग व्यक्तियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण देती है, लेकिन इसे भी कुछ राजनीतिक कारणों से रोका गया था। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि इस निगम को 17 करोड़ का अनुदान मिलेगा और जनवरी-फरवरी से इन्हें वेतन मिलना शुरू हो जाएगा।
इसके अलावा, गुरु नानक आई हॉस्पिटल में ऑप्टोमेट्री प्रशिक्षण विंग शुरू होगा, जिसमें 4 वर्षीय स्नातक कार्यक्रम भी शामिल होगा। आतिशी ने आयुष्मान योजना और दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य योजना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इन योजनाओं को लागू करना चाहती है, लेकिन इन दोनों योजनाओं के बीच कुछ विरोधाभास हैं।
आयुष्मान योजना में कई एक्सक्लूजन(प्रतिरोध) हैं, जबकि दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य योजना में ये सब सुविधाएं पहले से ही मुफ्त दी जा रही हैं। इस कारण से, दिल्ली सरकार को आयुष्मान योजना को लागू नहीं कर रही हैं, क्योंकि वह मौजूदा मुफ्त सुविधाओं को समाप्त नहीं करना चाहती।
दिल्ली के प्रशांत विहार में हुए ब्लास्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, आतिशी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं और यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को चाकचौबंद रखा जाए।
This Post is written by Abhijeet Kumar yadav