भोपालः मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की उपस्थिति में गुरुवार को इंदिरा भवन, भोपाल में विभिन्न संभागों के जिला अध्यक्षों एवं महिला कांग्रेस पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं।

प्रथम चरण में इंदौर एवं खंडवा संभाग के जिला अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों, जमीनी कार्यों एवं आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर सह प्रभारी श्रीमती उषा नायडू जी, प्रशिक्षण विभाग प्रभारी महेंद्र जोशी, संगठन महासचिव संजय कामले सहित संबंधित संभागों के सभी जिला अध्यक्ष उपस्थित रहे। इसके पश्चात रीवा एवं सागर संभाग के जिला अध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसके पश्चात मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की बैठक हुई, जिसमें महिला कांग्रेस की सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में महिला कांग्रेस की आगामी रणनीति, संगठन विस्तार एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बोरासी, एआईसीसी सचिव श्रीमती उषा नायडू, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, संगठन महासचिव संजय कामले, महिला कांग्रेस प्रदेश प्रभारी श्रीमती ममता चंद्राकर सहित अन्य वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि संगठन की मजबूती ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर सक्रियता आवश्यक है। उन्होंने जिला अध्यक्षों से जमीनी स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और संगठन को मजबूती देने का आह्वान किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण देने की पहल आदरणीय श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा वर्षों पूर्व संसद में उठाई गई थी, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे जातिगत जनगणना और परिसीमन के पेच में उलझाकर इसके क्रियान्वयन को टाल दिया है।
श्री पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बोरासी ने कहा कि महिला कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को सशक्त बनाया जा सके। बैठकों में संगठन विस्तार, जमीनी सक्रियता बढ़ाने तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।