1. हिन्दी समाचार
  2. Breaking News
  3. कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सक्रिय हुई सीबीआई, बंगाल के डीजीपी से मांगा हत्या व दुष्कर्म के मामलों का ब्योरा

कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सक्रिय हुई सीबीआई, बंगाल के डीजीपी से मांगा हत्या व दुष्कर्म के मामलों का ब्योरा

पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई सक्रिय हो गई है। और शुक्रवार को सीबीआई (केंद्रीय जांच एजेंसी) ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी से चुनाव बाद राज्य में हुई हत्याओं व दुष्कर्म के मामलों का ब्योरा मांगा है। आपको बता दें कि कोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक कमेटी की सिफारिश के आधार पर सीबीआई को जांच का आदेश दिया है।

By: Amit ranjan 
Updated:
कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सक्रिय हुई सीबीआई, बंगाल के डीजीपी से मांगा हत्या व दुष्कर्म के मामलों का ब्योरा

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई सक्रिय हो गई है। और शुक्रवार को सीबीआई (केंद्रीय जांच एजेंसी) ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी से चुनाव बाद राज्य में हुई हत्याओं व दुष्कर्म के मामलों का ब्योरा मांगा है। आपको बता दें कि कोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक कमेटी की सिफारिश के आधार पर सीबीआई को जांच का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट ने बताया मानवाधिकार आयोग की समिति की रिपोर्ट को दुरुस्त

चुनाव बाद हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। पहले तो कलकत्ता हाईकोर्ट ने हिंसा की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति दी और अब कोर्ट ने मानव अधिकार आयोग की समिति की रिपोर्ट को दुरुस्त बताया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति आईपी मुखर्जी का कहना है कि मानव अधिकार आयोग की समिति के दुराग्रह से ग्रसित होने के आरोप में कोई दम नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में जो सिफारिशे की हैं, उन पर विचार किया गया और वकीलों की दलीलों को भी सुना गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि समिति के पास जांच करने व तथ्यों को पेश करने का पूरा अधिकार था। क्योंकि, इसका आदेश उन्हें पांच जजों वाली पीठ ने दिया था।

 

तीन वरिष्ठ आईपीएस करेंगे जांच 

आपको बता दें कि हाईकोर्ट की पांच जजों वाली पीठ ने दुष्कर्म, दुष्कर्म की कोशिश, हत्या जैसे अपराधों की सीबीआई जांच तथा बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के अन्य मामलों की जांच के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठन के भी आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट में प्रतिवाद दायर 

उधर, सीबीआई से जांच कराने के हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में याचिकाकर्ता वकील अनिंद्य सुंदर दास ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि मैंने यह प्रतिवाद इसलिए दायर किया है क्योंकि मैं नहीं चाहता मुझे सुने बिना कोई भी निर्णय मेरे खिलाफ पारित किया जाए।

लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं 

वहीं एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने चुनाव के बाद हुई हिंसा पर कहा कि हिंसा लोकतंत्र के खिलाफ है। इसकी लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। हमारी संस्कृति में हिंसा कोई स्थान नहीं रखती है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...