मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनगणना-2027 देश की आठवीं जनगणना है, जो सामान्यतः 10 वर्षों के अंतराल पर 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसमें विलंब हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनगणना-2027 देश की आठवीं जनगणना है, जो सामान्यतः 10 वर्षों के अंतराल पर 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसमें विलंब हुआ।
नए निर्णय के अनुसार राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। वहीं पूर्णतः शय्याग्रस्त और विकलांग आंदोलनकारियों को अब 20,000 रुपये की बजाय 30,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।
नोहलेश्वर महोत्सव के दौरान देशभर से आए ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध रहे हैं। महोत्सव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक संध्याएं, कार्यशालाएं, महिला सम्मेलन, किसान गोष्ठी और पर्यटन गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रदेश में सामुदायिक वन संसाधन (CFR) अधिकारों के लिए 26 हजार से अधिक ग्रामों को चिन्हित किया गया है। इन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पिछले वर्ष से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। यह पहल मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। आजादी की लड़ाई के दौरान असंख्य क्रांतिकारियों और शहीदों ने ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए।
मुख्यमंत्री ने विभाग की कार्यक्षमता और गुणवत्ता में आए सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में लोक निर्माण विभाग ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा-“श्रम ही सिद्धि है”, और इसी मंत्र के साथ विभाग को आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में शोध और नवाचार पर पश्चिमी प्रभाव अधिक दिखाई देता है, जिससे भारतीय पारंपरिक ज्ञान पर “धूल” जमती जा रही है।
राष्ट्रगान से पहले गाए जाएंगे ‘वंदे मातरम्’ के छह छंद
उज्जैन को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में तेज हुई तैयारियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब विश्व में साम्यवाद और समाजवाद की विचारधाराओं का प्रभाव व्यापक था, तब पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारत की सनातन विचारधारा को आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत किया।
सिंहस्थ-2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1133.67 करोड़ रुपये की हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना प्रारंभ की गई है।
वन मेले बने आज की आवश्यकता: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश का लगभग एक-तिहाई भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। प्रदेश के आदिवासी और वनवासी समुदायों की आजीविका मुख्य रूप से वनोपज और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है।
वन्यजीव संरक्षण, कृषि उपार्जन, स्वास्थ्य सुधार और चीतों की बढ़ती संख्या पर सरकार का स्पष्ट रोडमैप
संभाग एवं जिला प्रभारियों की बैठक में संगठन को लेकर स्पष्ट संदेश