मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता तथा समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे। उनकी पुण्यतिथि पर लालघाटी स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल जी के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिमा स्थल के समीप विकसित ‘नमो वन’ का अवलोकन किया और वहां रुद्राक्ष का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब विश्व में साम्यवाद और समाजवाद की विचारधाराओं का प्रभाव व्यापक था, तब पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारत की सनातन विचारधारा को आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत किया। उन्होंने “एकात्म मानववाद” के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि विकास का केंद्र केवल अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि मानव और उसकी सांस्कृतिक चेतना होनी चाहिए। उनका मानना था कि स्वतंत्रता तभी सार्थक है जब वह हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बने। दीनदयाल जी के विचार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का प्रकाश पहुंचाने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय का मूल उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में उजास लाना है। पं. दीनदयाल उपाध्याय का यह चिंतन आज भी शासन की नीतियों का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सभी वर्गों को प्रगति के समान अवसर उपलब्ध कराना ही अंत्योदय की सच्ची भावना है।
पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री ने नमो वन में रुद्राक्ष का पौधा लगाया। यह केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पण का संदेश भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल जी के विचारों के अनुरूप समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाना ही सरकार का लक्ष्य है। इसी क्रम में केश शिल्पियों को किट वितरण जैसे कार्यक्रम अंत्योदय की भावना को व्यवहारिक रूप देने का प्रयास हैं।

पं. दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख चिंतक, संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक रहे। उनके विचार भारतीय मानस को सशक्त राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है और यह दीनदयाल जी की विचारधारा की प्रासंगिकता को दर्शाता है।
इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मालती राय, रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।