पन्ना जिले में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सकरिया से दीघोरा तक करीब 29 किलोमीटर लंबी सड़क, जिसकी लगात 44 करोड़ के ऊपर की जिसे महज तीन महीने पहले बनाया गया था, अब जगह-जगह से उखड़ने लगी है। इस निर्माण में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

मामला इतना बढ़ा कि गुनौर से बीजेपी विधायक राजेश वर्मा को विधानसभा से लेकर लोक निर्माण मंत्रालय तक पत्र लिखना पड़ा। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अधिकारियों ने शिकायतों को नजरअंदाज करते हुए ठेकेदार को क्लीन चिट दे दी और निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया।
जब सड़क की हालत और बिगड़ी तो विधायक खुद मौके पर पहुंचे और PWD अधिकारियों को बुलाकर सड़क की हकीकत दिखाई। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथी ही उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करने जा रहे हैं।
वीओ-हालांकि यह सड़क सांसद विष्णु दत्त शर्मा और विधायक के प्रयास से केंद्र के सीआरएफ फंड से नितिन गडकरी ने स्वीकृत की थी और इसकी शिकायत विष्णु दत्त शर्मा ने भी कई बार की लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जमकर भ्रष्टाचार किया।
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट