बड़वानीः जिला मुख्यालय के राजघाट रोड़ स्थित कृषि उपज मंडी में इस सफ्ताह सौंफ की आवक की बिक्री कमजोर नजर आई। हालांकि मंडी में 375 बोरी ही सौंफ पहुंच पाई है। विगत दिनों में मंडी परिसर में सौंफ की आवक अधिक थी लेकिन इस सफ्ताह में सौंफ की खरीदी पर असर कम देखने को मिला। जिससे किसान पर व्यापारी के बीच खरीदारी के दौरान व्यापारियों के भाव से किसान मायूस नजर आए। इस दौरान सौंफ खरीदी के चलते भाव में कमजोरी रही।

धार जिले के जिराबाद के बुदा गांव से बड़वानी मंडी में सौंफ बेचने के लिए आए किसान का कहना है कि व्यापारी बेभाव से सौफ के दाम लगा रहे हैं। जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल पाता है। साथ ही किसान ने बताया कि उनकी उपज की मजदूरी नहीं मिल पाती है और ना ही भाड़ा खर्च निकल पाता है। ऐसे में मंडी में बेचने आते है तो यहां व्यापारी माल की कमजोर क्वालिटी का हवाला देकर उचित भाव देने से इनकार कर देता है या फिर कम दाम में खरीदी की जाती है।
लेकिन मंडी प्रशासन को किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान रखना चाहिए ताकि उन्हें उनकी उपज का अधिक मूल्य मिल सके। इसी मंशा के चलते किसान दूर दराज से भाड़ा खर्च लगाकर यहां माल बेचने आते हैं।
हालांकि बिना आईडी कार्ड के चलते व्यापारी की पहचान भी करनी मुश्किल हो जाती है ऐसे में कौन विक्रेता है और कौन यहाँ का खरीददार है। किसान का कहना है कि अलग अलग व्यापारी खरीदी के लिए आते जरूर हैं लेकिन किसान से सौंफ खरीदकर यहीं के यही किसान की सौंफ बेच देते हैं। वहीं दूरदराज से आने वाले किसानों के लिए शुलभ सुविधा होनी चाहिए परन्तु यह व्यवस्था भी मंडी में नजर नही आई है। जिससे किसानों को परेशानी उठाने के लिए बाध्य होना पड़ता है।
जिसको लेकर मंडी प्रशासन के जिम्मेदारों को मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर ध्यान देना चाहिए ताकि किसानों को उचित व्यवस्था मिल सके। हॉलाकि किसान का कहना है कि भाव नही मिंलने पर आखरी रास्ता किसान के पास उपज घर ले जाने के अलावा कुछ ओर नही रहता है। अंत में जिन्हें किराया खर्च भाड़ा लगाकर तपती धूप में परेशान होने के सिवाय और कोई चारा नहीं है।
धार जिले की गंधवानी के अंतर्गत ग्राम पंचायत बारिया के सतपाल पटेल ने बताया कि वे और उनके किसान साथी बड़वानी मंडी में सौफ लेकर आए हैं, लेकिन मोटा दाने को सौफ 70 से 80 रुपए प्रति किलो और बारीक सौफ 150 से 160 रुपये के हिसाब से व्यापारी दाम लगाते हैं।
वहीं गत सफ्ताह मंडी में सौंफ के कुछ हद तक भाव जरूर मिले थे लेकिन इस सफ्ताह भाव तो और अधिक डॉउन हो गया है। जिसके चलते उपज कम आने पर व्यापारी बेभाव लगाकर मांग रहे हैं। हॉलाकि किसानों को अपनी उपज खरीदी से एक उम्मीद रहती है कि उन्हें उपज का अधिक भाव मिल सके ताकि वे भाड़ा खर्च और मेहनत मजदूरी का खर्च निकाल सकें।
मंडी प्रशासन के अनुसार इस सप्ताह सौंफ की आवक 375 बोरी में वजन 225 क्विंटल रही। बारीक सौंफ का भाव 14 हजार 200 रुपए, तो मोटी सौंफ 6 हजार 500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी। मंडी व्यापारी के अनुसार इस माह सौफ का सीजन अंतिम पड़ाव पर है जिसके चलते मंडी में आवक कम या रही है लेकिन अधिकांश किसान अपनी उपज बेच चुका है, जिस कारण से किसान मंडी में कम आ रहे हैं। आगामी माह में भाव में कोई इजाफा नहीं होगा।
बड़वानी से संवाददाता लोकेश दावदे की रिपोर्ट