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रवीन्द्र भवन, भोपाल में PWD की राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला… CM डॉ. मोहन ने गुणवत्ता, नवाचार और “श्रम ही सिद्धि है” का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने विभाग की कार्यक्षमता और गुणवत्ता में आए सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में लोक निर्माण विभाग ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा-“श्रम ही सिद्धि है”, और इसी मंत्र के साथ विभाग को आगे बढ़ने का आह्वान किया।

By: Abhinav Tiwari 
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रवीन्द्र भवन, भोपाल में PWD की राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला… CM डॉ. मोहन ने गुणवत्ता, नवाचार और “श्रम ही सिद्धि है” का दिया संदेश

भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग (PWD) की एक दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने विभाग की कार्यक्षमता और गुणवत्ता में आए सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में लोक निर्माण विभाग ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा-“श्रम ही सिद्धि है”, और इसी मंत्र के साथ विभाग को आगे बढ़ने का आह्वान किया।

अध्यात्म और विज्ञान का संगम

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में Bhagavad Gita के सातवें अध्याय ‘ज्ञान-विज्ञान योग’ का उल्लेख करते हुए बताया कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे पंच महाभूत परस्पर एक-दूसरे में समाहित हैं।

उन्होंने कहा कि इन पाँच तत्वों के साथ मन, बुद्धि और अहंकार को जोड़कर कार्यों में चेतना और गुणवत्ता लाई जा सकती है। उनके अनुसार, जब इंजीनियरिंग कार्यों में आध्यात्मिक दृष्टिकोण और वैज्ञानिक सोच का समन्वय होता है, तब निर्माण केवल ढांचा नहीं, बल्कि स्थायी और सार्थक विकास का प्रतीक बनता है।

इंजीनियर हैं आधुनिक ‘विश्वकर्मा’

डॉ. यादव ने इंजीनियरों को साक्षात ‘विश्वकर्मा’ का रूप बताया, जो समाज की कल्पनाओं को सड़कों, पुलों, स्टेडियम और भवनों के रूप में मूर्त रूप देते हैं। उन्होंने इंजीनियरों से आह्वान किया कि वे अपनी पूर्ण क्षमता, नवाचार और समर्पण के साथ कार्य करें तथा अपनी पेशेवर पहचान को और मजबूत बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में लोक निर्माण विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

आधुनिक तकनीक और संस्थागत साझेदारी पर बल

मुख्यमंत्री ने Madhya Pradesh Road Development Corporation (MPRDC) द्वारा प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (MoU) की सराहना की। इनमें Indian Institute of Technology Bombay, School of Planning and Architecture Bhopal तथा Central Road Research Institute जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

उन्होंने ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट, सतत निर्माण तकनीक और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधान अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि निर्माण कार्य पर्यावरण अनुकूल और दीर्घकालिक हों।

चुनौतियाँ और समाधान की दिशा

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि सरकारी व्यवस्थाओं में दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता नियंत्रण, ठेकेदारों के साथ समन्वय और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि बेहतर एस्टीमेट तैयार करने, प्रॉपर डॉक्यूमेंटेशन और पारदर्शिता के साथ कार्य करने से इन चुनौतियों का समाधान संभव है। सीमित संसाधनों और प्रक्रियात्मक बाधाओं के बावजूद विभाग को उत्कृष्टता का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

मध्य प्रदेश को बनाना है तेज गति से काम करने वाला राज्य

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनका लक्ष्य मध्य प्रदेश को देश का सबसे तेज गति से काम करने वाला राज्य बनाना है। इस दिशा में लोक निर्माण विभाग सक्रिय सोच और नवाचार के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन की सराहना की और कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों- राकेश सिंह तथा मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. विक्रांत सिंह तोमर-का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि जब विभागीय क्षमता, तकनीकी दक्षता और सकारात्मक सोच का संगम होगा, तब मध्य प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।

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