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उत्तराखंड में आंदोलनकारियों को बड़ी राहत: पेंशन बढ़ी, जेल गए आंदोलनकारियों को मिलेंगे ₹7,000 प्रतिमाह

नए निर्णय के अनुसार राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। वहीं पूर्णतः शय्याग्रस्त और विकलांग आंदोलनकारियों को अब 20,000 रुपये की बजाय 30,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।

By: Abhinav Tiwari 
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उत्तराखंड में आंदोलनकारियों को बड़ी राहत: पेंशन बढ़ी, जेल गए आंदोलनकारियों को मिलेंगे ₹7,000 प्रतिमाह

होली से पहले उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में सरकार ने आंदोलनकारियों को दी जाने वाली पेंशन राशि में वृद्धि को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। यह घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई थी, जिसे अब गृह विभाग के प्रस्ताव पर अंतिम स्वीकृति मिल गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला उत्तराखंड राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।

नए निर्णय के अनुसार राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। वहीं पूर्णतः शय्याग्रस्त और विकलांग आंदोलनकारियों को अब 20,000 रुपये की बजाय 30,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। सात दिन तक जेल गए या आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन 6,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इसके अलावा अन्य श्रेणी के आंदोलनकारियों को अब 4,500 रुपये के स्थान पर 5,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इस फैसले से राज्य के हजारों आंदोलनकारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

पेंशन वृद्धि के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य में विभिन्न विकास योजनाओं के लिए कुल 397.39 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है। चमोली जिले के नंदानगर में पार्किंग निर्माण के लिए 3.20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जबकि विश्व बैंक सहायतित यू-प्रिपेयर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न जिलों में अहेतुक सहायता, गृह अनुदान, सड़कों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए 92.50 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।

सरकार ने पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत नगर पंचायत चमियाला में एलईडी लाइट और कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए 3.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। साथ ही जिला पंचायतों को 79.09 करोड़ रुपये की चौथी तिमाही किस्त जारी करने को भी मंजूरी दी गई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत 178 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार के सतीकुंड पुनर्विकास और अल्मोड़ा में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक निर्माण के लिए भी आवश्यक धनराशि प्रदान की गई है।

धामी सरकार के इन फैसलों का राज्य आंदोलनकारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय न केवल आर्थिक राहत प्रदान करेगा, बल्कि आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को भी सम्मान देगा। सरकार के इस कदम से स्पष्ट है कि उत्तराखंड में सामाजिक सम्मान और विकास कार्यों को समान प्राथमिकता दी जा रही है।

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