देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव Anand Bardhan की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य, पुलिस, लोक निर्माण, परिवहन, पर्यटन, विद्युत और आपदा प्रबंधन सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
चारधाम यात्रा के दौरान विशेषकर केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाएं हमेशा से चुनौती रही हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुजुर्गों और हृदय रोगियों की तबीयत बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सचिव Sachin Kurve को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह क्रियाशील हों। एम्बुलेंस, दवाइयों और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
चारधाम यात्रा के दौरान ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन जाता है। इस बार इसे लेकर खास रणनीति बनाई गई है। मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा मार्ग पर निर्बाध और संतुलित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी जाम, भीड़ या आपात स्थिति बने, वहां यात्रियों को व्हाट्सएप अलर्ट के जरिए तुरंत जानकारी दी जाए।
अगर खराब मौसम, भूस्खलन या किसी दुर्घटना के कारण यात्रा रोकनी पड़े, तो यह फैसला कब और कहां लिया जाएगा, इसकी जिम्मेदारी Garhwal Mandal के आयुक्त को सौंपी गई है। साथ ही यात्रा मार्ग पर मशीनें, उपकरण और जरूरी संसाधन पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं के पंजीकरण, उपचार और किसी अनहोनी की स्थिति में उचित प्रबंधन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
चारधाम यात्रा 2026 में तकनीक का विशेष इस्तेमाल किया जाएगा। प्रमुख धार्मिक स्थलों और पड़ावों पर QR कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करते ही यात्रियों को उस स्थान से जुड़ी पूरी जानकारी मोबाइल पर मिल सकेगी। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर स्पष्ट साइन बोर्ड (साइनेज) लगाए जाएंगे, ताकि पहली बार आने वाले श्रद्धालुओं को रास्ता खोजने में कोई दिक्कत न हो। यात्रा संचालन के लिए एक मानक प्रक्रिया (SOP) भी जारी की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव R K Sudhanshu, अपर पुलिस महानिदेशक V Murugesan, गढ़वाल मंडल आयुक्त Vinay Shankar Pandey सहित स्वास्थ्य, पुलिस, लोक निर्माण, पेयजल, परिवहन, पर्यटन, विद्युत और आईटीडीए विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।