मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हालिया मंत्रिपरिषद बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े चार महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से संबोधन दिया। इन विषयों में इंदौर में सफेद टाइगर, गेहूं उपार्जन, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और प्रदेश में चीतों की बढ़ती संख्या शामिल रही।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद को अवगत कराया कि इंदौर में सफेद टाइगर की व्यवस्था वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। सरकार इस परियोजना को वैज्ञानिक और सुरक्षित मानकों के अनुरूप विकसित करेगी।
मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद बैठक में गेहूं उपार्जन को लेकर कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में तय समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य विषय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में आई कमी सरकार के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद को जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वैज्ञानिक प्रबंधन, अनुकूल पर्यावरण और वन विभाग के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। सरकार चीतों के संरक्षण के साथ-साथ उनके आसपास के क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को भी प्रोत्साहित करेगी।
मंत्रिपरिषद बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ये चारों संबोधन स्पष्ट करते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और पर्यटन-चारों क्षेत्रों में संतुलित और दीर्घकालिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।