बात करे बी.पी यानी ब्लड़ प्रेशर की,जब बल्ड प्रेशर का लेवल सामान्य से अधिक हो जाता है,तब आप डायबिटीज का शिकार हो जाते है।यह एक बेहत खतरनाक बीमारी मानी जाती है,क्योंकि इसे कंट्रोल तो किया जा सकता है परन्तु इसका ईलाज संभव नही है।
बात करे बी.पी यानी ब्लड़ प्रेशर की,जब बल्ड प्रेशर का लेवल सामान्य से अधिक हो जाता है,तब आप डायबिटीज का शिकार हो जाते है।यह एक बेहत खतरनाक बीमारी मानी जाती है,क्योंकि इसे कंट्रोल तो किया जा सकता है परन्तु इसका ईलाज संभव नही है।
देशभर में जगन्नाथ रथ यात्रा का पर्व मनाय गया। इस मौके पर रथ पर विराजमान होकर भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और बलराम के साथ मौसी के घर गुंडिचा मंदिर पहुंचे। चारों धामो में एक नाम जगन्नाथ धाम का भी आता है।यह मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए तो प्रसिद्ध है ही साथ ही यह अपने खजाने भंड़ार के लिए भी जाना जाता है।
आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति अपनी त्वचा को साफ और चमकदार रखना चाहता है ,और यदि हम बात करें महिलाओं की तो महिलाएं अपनी त्वचा के लिए ना जाने क्या-क्या तरीके आजमाती हैं। वह सैलून से लेकर ढेरों कॉस्मेटिक्स अपनाती हैं जो स्किन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते है।
हम सभी भारतीयों की यह परंपरा रही है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मीठे से की जाती है। और वहीं हम बजट पेश होने से पहले हलवा रस्म की बात करें तो यह रस्म 1980 से ही भारत गणराज्य में वित्तीय मंत्री विभाग द्वारा मनाया जा रहा है।
हिन्दू पंचाग के अनुसार जुलाई का महीना बेहद खास एवं महत्वपूर्ण होने वाला है क्योंकि इसी महीने मे देवशयनी एकादशी का भी आगमन हो चुका है। यह देवशयनी एकादशी बाकी एकादशी की तुलना में अधिक फलदायी है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को तीनों सनातन देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
बारिश का मौसम कुछ लोगों के लिए मजेदार होता है, तो कुछ के लिए परेशानियों से भरा हुआ होता है। मानसून के मौसम में कपड़े जल्दी नहीं सूखते, जिससे वे लंबे समय तक गीले ही रहते हैं। अगर कपड़े सूख भी जाएं तो नमी के कारण उनमें से अजीब सी बदबू आने लगती है। यह बदबू कपड़ों में पनपने वाले बैक्टीरिया से होती है, जो त्वचा की समस्याएं भी पैदा
हिन्दू धर्म में गंगा नदी का विशेष महत्व है। मां गंगा को मोक्ष-दायिनी और जीवनदायिनी के नाम से भी जाना जाता है। गंगा नदी केवल अपने जल और शुद्धता के कारण ही प्रसिद्ध नहीं बल्कि,आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी काफी विशेष हैं। हिन्दू महापुराण एवं वेदों में गंगा की महत्वता का विशिष्ट महत्व है।
सावन का महीना शुरु होने जा रहा है और जिसकी शुरुआत 22 जुलाई से होगी और 18 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन समाप्ति होगी। शास्त्रों में बताया गया है की सावन का महीना भगवान शिव का महीना होता है, जिसमे लोग भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए दूध से उनका अभिषेक करते हैं। यही वह पावन महीना है,जब शिव भक्त अपने अराध्य को मनाने के
मोदी सरकार 3.0 के कार्यकाल का पहला बजट 23 जुलाई को संसद मे पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सांतवा बजट पेश किया जाएगा।मोरारजी देसाई ने इससे पहले छह बार बजट पेश किया और अब निर्मला सीतारमण ऐसा करने वाली पहली महिला वित्त मंत्री बन जाएंगी।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। रेलवे बरेली-ऋषिकेश और लखनऊ-ऋषिकेश के बीच कांवड़ स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने जा रहा है, जिससे सावन के महीने में ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की नवीनतम पहल से मध्य प्रदेश के युवाओं को जबरदस्त बढ़ावा मिला है। रविवार को, सीएम यादव ने युवा पीढ़ी के लिए शिक्षा, करियर और रोजगार के अवसरों में क्रांति लाने के उद्देश्य से 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया।
काशी विश्वनाथ धाम क्यूआर कोड-आधारित प्रवेश की शुरुआत करके भक्तों के लिए यात्रा को आसान बना रहा है। यह डिजिटल प्रणाली, जो पहले मार्च से केवल अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उपयोग की जाती थी, अब सभी तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध है, जिनमें वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन के लिए आने वाले लोग भी शामिल हैं।
रेलवे किसी भी भारतीय नागरिक के लिए सबसे सुगम साधनों में से एक है। ऐसे में रेलवे भी लोगों को राहत देने और यात्रा को और सुगम बनाने के लिए कोई-न-कोई काम करता रहता है। इसी संदर्भ में रेलवे ने, जनरल बोगी में सफर करने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए 11 जोड़ी ट्रेनों में अतिरिक्त जनरल कोच लगाने की बात कही है।
मध्य प्रदेश के शहरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का फोन आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश को पीछे छोड़ते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को इंदौर का अप्रत्याशित दौरा किया।
मध्य प्रदेश सरकार ने आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, कोटवारों और संविदा कर्मियों के लिए बड़े लाभ की घोषणा की है। अब उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर किया जाएगा। इन श्रमिकों को प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ मिलेगा।