भोपाल। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय समारोह गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रध्वज फहराकर तिरंगे को सलामी दी। इसके बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की विकास योजनाओं की रूपरेखा भी सामने रखी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ कौशल विकास, स्टार्टअप, स्वरोजगार और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य हर साल एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रदेश के विकास की सबसे महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए उन्हें नए अवसरों से जोड़ने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में GYANII मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत गरीब, युवा, नारी और किसान के साथ उद्योग एवं इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए वर्ष 2026 को **किसान कल्याण वर्ष** बताया। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, खाद-बीज की उपलब्धता, बिजली, फसल उपार्जन और किसान सम्मान निधि जैसी व्यवस्थाओं पर सरकार की प्राथमिकता को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इसके अलावा सड़क, मेट्रो और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी प्रदेश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराकर मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और रोजगार केंद्रित राज्य बनाना है। उन्होंने प्रदेश की प्रगति में युवाओं, किसानों, महिलाओं और उद्योग जगत की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।