राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले दो महीने से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टार (एनआरसी) के खिलाफ लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की कई सड़के बंद कर दी गई है जिसकी वजह से लोगों को बहुत सी समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील संजय हेगडे और साधना रामचंद्रन को प्रदर्शकारियों से बात करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। दोनों वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं।
सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकार अब तक कोई रास्ता निकालने में सफल नहीं हुए, ऐसा लग रहा है। कुछ लोगों की जिद्द के कारण न सरकार अपनी नीति बदलती है न ही संसद अपने कानून बनाती है, सीएए लाखों करोड़ों शरणार्थियों को न्याय देने वाला कानून है।
बता दें कि, 20 फरवरी को वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए शाहीन बाग पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया को हटाकर बात करने की शर्त रखी गई। प्रदर्शनकारियं से बातचीत करते हुए साधना रामचंद्रन ने कहा कि, सीएए, एनआरसी का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने है, वो कोर्ट का मुद्दा है, उस पर सुनवाई होगी। उस पर हम बात नहीं करेंगे। हम मानते हैं कि अगर आपके जौसी बेटियां और महिलाएं हैं तो देश सुरक्षित है।