नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव के बाद लोक जनशक्ति पार्टी में शुरु हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे लेकर लगातार कई बार भतीजे चिराग पासवान और चाचा पशुपति पारस के बीच तनातनी की खबरें सामने आई है। इसी बीच चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए लोक जनशक्ति पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज कर लिया है। आपको बता दें कि दोनों नेताओं की ओर से पार्टी के चिह्न हो लेकर दावा किया जा रहा थ।
गौरतलब हो कि एलजेपी के के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी में दो भागों में बंट गया है। चिराग पासवान अकेले पड़ गए हैं तो वहीं बाकी सांसद उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ चले गए हैं। उसके बाद पशुपति कुमार पारस को केंद्रीय कैबिनेट में भी शामिल कर लिया गया है। वहीं चिराग पासवान अपने नेतृत्व में बिहार में पदयात्रा कर रहे हैं। दोनों के बीच लगातार तनातनी है। अब पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर आयोग के पास मामला पहुंच गया है।
Election Commission of India (ECI) freezes Lok Janshakti Party’s symbol amid tussle between factions of Chirag Pawan and Pashupati Kumar Paras pic.twitter.com/YmWQb5tyMe
— ANI (@ANI) October 2, 2021
चिराग पासवान ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
बता दें कि शनिवार को ही एलजेपी (चिराग गुट) के बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता कृष्ण सिंह कल्लू ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर जेडीयू और बीजेपी पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल सर्टिफिकेट देने वाले कौन होते हैं कि एलजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन है? वो चुनाव आयोग के कोई अधिकारी नहीं हैं। स्पष्ट करते हुए कहा कि एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ही हैं। जेडीयू नेताओं के सपने में आते हैं चिराग पासवान इसलिए वे भयभीत हो गए हैं।