उत्तर प्रदेश में आजम खान का वो चेहरा है जो मुस्लिम चेहरे के सबसे बड़े नेता के रूप में पहचाना जाता है। मुस्लिम समाज में आजम खान का अपना अलग वर्चस्व है। वो हमेशा प्रदेश व देश के मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। और यही वजह है कि समाजवादी पार्टी की झोली में मुलमानों का वोट आजम खान के बदौलत आता रहा।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम मुकाम तक पहुंचे आजम खान पूरे देश में अपने अलग अंदाज-ए-बयां के लिए मशहूर हैं, हालांकि कई बार वो अपने बयानों को लेकर विवाद में छाए रहे। वह अपने बयानों की वजह से कई बार सियासत में हलचल मचा चुके हैं। यहां तक की उनके विवादित बयानों की वजह से पार्टी को कई बार नुकसान भी हुआ है।
साल 2015 में इकलाख नाम के शख्स को लेकर खुब राजनीति हुई, दरअसल, यूपी के दादरी में इकलाख को इस शक में पीटा गया था कि उसने गोमांस रखा है, और पीट-पीटकर उसको मार दिया गया जिसके बाद सियासत गर्मा गई थी, और इसी वक्त आजम खान ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि, हर गोभक्त आज के बाद किसी होटल के मेन्यू में बीफ की कीमत न लिखने दें। अगर ऐसा होता है तो उन सभी फाइव स्टार होटलों की उसी तरह ईंट से ईंट बजा दें, जिस तरह बाबरी मस्जिद की बजाई थी।
सौनिकों को भी लेकर आजम खान विवादित बयान दे चुके हैं, साल 2014 में उन्होंने कारगिल युद्ध पर विवादित बयान दिया था जिसका चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था। 1999 में हुए कारगिल युद्ध को लेकर आजम खान ने कहा था कि, मुस्लिम सैनिकों द्वारा यह युद्ध जीता गया था।
2014 में आजम खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी को मुस्लिमों का दुश्मन और अमित शाह को गुंजा नंबर 1 कहा था, जिसके बाद उनकी काफी निंदा हुई थी। वैसे तो आजम खान ने पीएम मोदी के उपर कई विवादित बयान दिए हैं लेकिन जब पीएम मोदी ने अपने एक इंटरव्यू में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि, कुत्ते का बच्चा भी अगर आपकी कार के नीचे आता है तो दुख होता है, प्रधानमंत्री के इसी बयान को मुस्लिमों से जोड़ते हुए आजम खान ने कहा था कि, कुत्ते के बच्चे के बड़े भाई नरेंद्र मोदीजी हमें तुम्हारा गम नहीं चाहिए।
महिलाओं पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं आमज खान, बदायूं में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि, गरीब घरों की महिलाएं यार के साथ नहीं जा सकतीं, लिहाजा ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं।
बुलंदशहर गैंगरेप मामला शायद किसी ने भूला हो, एक मां और बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया था। इसपर भी आजम खान ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि, सत्ता की लोभी पार्टियां किसी भी हद तक जा सकती हैं। इस घटना को उन्होंने कथित रूप से राजनीतिक षड्यंत्र बताया था। जिसके बाद उन्हों सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा था।
आजम खान शायद अकेले ऐसे नेता हैं जो एक दो बार नहीं बल्कि अनगिनत बार अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहे हैं, यहां तक की आजम खान क्या बोल जाते हैं इसपर किसी को भरोसा तक नहीं होता। कुछ ऐसा ही मामला है जब उनसे पूछा गया कि योगी आदित्यनाथ के गढ़ में हैं तो क्या वह प्यार-मोहब्बत से तल्ख रिश्तों को खत्म करेंगे? इसपर उन्होंने कहा कि, पहले योगी आदित्यनाथ शादी करें और अपना मर्द होना साबित करें। तब वह मोहब्बत भी करने लगेंगे।
आजम खान देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर भी विवादित बयान देने से बाज नहीं आए, उन्होंने कहा था कि, हमारे पूर्वज पाकिस्तान क्यों नहीं गए? यह मौलाना आजाद, जवाहरलाल नेहरू, सरकार पटेल और बापू से पूछें। इन्होंने मुसलमानों की सुरक्षा का वादा किया था। इसके साथ ही उन्होंनें मॉब लिंचिग की घटनाओं पर बोलते हुए कहा था कि, यह 1947 के बाद मुसलमानों को मिलने वाली सजा है। मुस्लिम जहां भी जाएंगे उन्हें यह सहना ही पड़ेगा। अब जो होगा, उसे सहना होगा।