उज्जैन में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नीलगंगा आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना की और आरती उतारी।
नीलगंगा आश्रम में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर मां गंगा की आरती की और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने भी संतों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत मौजूद रहे, जिन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने न केवल नीलगंगा आश्रम बल्कि शिप्रा तट पर भी पूजा-अर्चना की। पूरे शहर में आस्था और भक्ति का वातावरण बना रहा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी माना गया है। उन्होंने जल संरक्षण और नदी संवर्धन को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से इसके प्रति जागरूक रहने की अपील की।