कश्मीर के मुद्दे पर ब्रिटिश संसद की सर्वदलीय टीम की अध्यक्षता कर रही ब्रिटेन की एक सांसद का दावा है कि वैध पासपोर्ट होने के बाद भी दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उन्हें एंट्री नहीं दी गई और दुबई डिपोर्ट कर दिया गया जहां से वह इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंची थीं।
हालांकि सरकार ने सांसद के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें पहले ही सूचित कर दिया गया था कि उनका ई वीजा रद्द कर दिया गया है। डेबी अब्राहम ने कहा है कि उनका ई वीजा कैंसल कर दिया गया, जबकि यह अक्टूबर 2020 तक वैध था। वहीं, गृहमंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ब्रिटिश सांसद को भारत आने से पहले ही वीजा रद्द होने की जानकारी दे दी गई थी, इसके बावजूद उन्होंने भारत आने का फैसला किया।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने दिल्ली में कहा कि ब्रिटिश सांसद को समुचित ढंग से सूचना दे दी गई थी कि उनका वीजा रद्द कर दिया गया है और इस बात की जानकारी होने के बावजूद वह दिल्ली आईं। वहीं, डेबी अब्राहम की माने तो उनका कहना है कि, 13 फरवरी से पहले कोई मेल नहीं मिला था। उसके बाद से वह यात्रा पर हैं और अपने कार्यालय से दूर हैं।
खबरों की माने तो कहा जा रहा है कि, अब्राहम का ई वीजा अक्टूबर में जारी किया गया था और वह अक्टूबर 2020 तक वैध था। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके साथ हुए बर्ताव को लेकर उन्होंने ट्वीट किया कि, सोमवार सुबह वह यहां पहुंची थीं और उन्हें बताया गया कि उनका ई वीजा रद्द कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि वह अपने दस्तावेजों और ई-वीजा के साथ आव्रजन डेस्क के सामने पेश हुईं। उन्होंने कहा कि, अधिकारी ने अपनी स्क्रीन पर देखा और अपना सिर हिलाने लगा। उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा वीजा रद्द कर दिया गया है, उन्होंने मेरा पासपोर्ट ले लिया और करीब दस मिनट तक गायब हो गए।