सुप्रीम कोर्ट ने देश की टेलीकॉम कंपनियों को आदेश के बाद भी समायोजित सकल राजस्व (AGR) की बकाया राशि की भुगतान नहीं किए जाने पर फटकार लगाया था। कोर्ट के फटकार के बाद भारती एयरटेल ने पिछले दिनों किए गए अपने वादे के अनुसार 10,000 करोड़ रुपए के एजीआर बकाए का भुगतान दूरसंचार विभाग को कर दिया है और अब कंपनी पर 25,000 करोड़ रुपए का बकाया रह गया है।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, एयरटेल को एजीआर के मद में 35.000 करोड़ रुपए का भुगतन करना है और पिछले दिनों उसने कहा था कि वह फरवरी तक 10,000 करोड़ रुपए का भुगतान कर देगी।
वहीं, भारी-भरकम कर्ज तथा लगातार हो रहे घाटे से घोर वित्तीय संकट में फंसी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया एजीआर सरकार को वैधानिक बकाया चुकाने के लिए तैयार है, लेकिन उसका कहना है कि वह अपना कारोबार तभी जारी रख सकती है, जब सुप्रीम कोर्ट दूरसंचार विभाग को 53,000 कोरड़ रुपए का बकाया चुकाने के लिए दी गई समय-सीमा में उदारता बरतने पर विचार करेगा।
वोडाफोन-आइडिया पर 1.1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है और सुप्रीम कोर्ट के एजीआर पर फैसले का सबसे ज्यादा असर उसी पर पड़ा है। कंपनी ने कहा, वह इस बात का आकलन कर रही है कि वह सरकार को कितने पैसे दे सकती है।
दूरसंचान विभाग को वह एजीआर बकाए का भुगतान कर पाएगी या नहीं, इस आशंका के बीच कंपनी ने एक बयान में कहा, कंपनी ने इस तरह से आकलन की गई राशि का आगले कुछ दिनों में भुगतान का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, उसने यह बात भी स्पष्ट किया है कि भुगतान की समय-सीमा के संदर्भ में उसे राहत की जरूरत है।