नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने में अभी कई महीने शेष है, उससे पहले ही योगी सरकार अपना मंत्रिमंडल का विस्तार करेगी। इसे लेकर विधान परिषद के चार सदस्यों का मनोनयन भी होगा। गौरतलब है कि यह निर्णय बृहस्पतिवार रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में हुई।
इस उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और मनोनयन पर मुहर लगी। मंत्रिमंडल में पूर्व नौकरशाह एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद और निषाद पार्टी के संजय निषाद सहित अन्य नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है।
आपको बता दें कि विधानमंडल का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार शाम दिल्ली पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी पश्चिमी यूपी के जिलों का दौरा कर दिल्ली पहुंच गए। अमित शाह के निवास पर रात 8 बजे शुरू हुई बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और विधान परिषद सदस्यों के मनोनयन पर मंथन हुआ।
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुई बातचीत में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सामाजिक समीकरण साधने के लिए कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर सहमति बनी है। विधान परिषद में चार सदस्यों का मनोनयन किया जाना है। इनमें संजय निषाद, जितिन प्रसाद, लक्ष्मीकांत बाजपेयी सहित अन्य दावेदार कतार में है।
खबरों के मुताबिक संजय निषाद के साथ ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई है। ओबीसी आरक्षण को लेकर राज्यों को मिले अधिकार तहत प्रदेश की कुछ सामान्य जातियों को ओबीसी में आरक्षण दिया जा सकता है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 404 सीटें है। जिसमें से 403 सीटों पर चुनाव किये जाते है, जबकि एक आंग्ल भारतीय सदस्य को राज्यपाल द्वारा मनोनीत किया जाता है। जिनका चुनाव 2022 में होने है।