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नीतीश सरकार में ‘माननीयों’ को कहा गलत, तो होगी जेल, पुलिस ने जारी की चिट्ठी

By: Amit ranjan 
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नीतीश सरकार में ‘माननीयों’ को कहा गलत, तो होगी जेल, पुलिस ने जारी की चिट्ठी

नई दिल्ली : अगर आपको देश में रहना हैं तो मोदी-मोदी कहना है, ये डायलॉग आपने कई बार सुना होगा, जो एक डायलॉग तक ही सीमीत हैं, लेकिन इन दिनों बिहार में कुछ ऐसा हो रहा हैं, जो सिर्फ बिहार के राजनितिक गलियारों तक ही नहीं बल्कि बिहार की जनता से भी जुड़ा है। हम बात कर रहें है एक चिट्ठी की, जिसे बिहार पुलिस ने जारी किया है।

इस चिट्ठी के अनुसार अगर आप सोशल मीडिया के किसी भी माध्यम, चाहे वह फेसबुक हो, ट्वीटर हो, टेलीग्राम या अन्य साइट्स, इन सभी मीडियम पर आप किसी भी मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसर के खिलाफ कुछ भी गलत या आपत्तिजनक पोस्ट नहीं कर सकते हैं, अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके विरद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

इस दायरे में झूठ और भ्रम फैलाने वाले लोग, ग्रुप और संस्थाएं भी शामिल है। आपको बता दें कि बिहार पुलिस द्वारा यह कार्रवाई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक्शन लेने के बाद उठाया गया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बिहार सरकार या प्रशासन को लेकर भ्रमात्मक खबरें फैलाई जा  रहीं थी, जिन खबरों पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया।

आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान ने इस बाबत सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को चिट्ठी लिखी है। खत में बताया गया है कि अगर आपके विभाग में इस तरह का मामला सामने आता है तो आर्थिक अपराध इकाई को इसकी विस्तृत सूचना दी जाए ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके। आर्थिक अपराध इकाई साइबर अपराध की नोडल एजेंसी है। सोशल मीडिया पर अश्लीलता, साइबर बुलिंग, साइबर उत्पीड़न जैसे मामले आर्थिक अपराध इकाई के तहत आते हैं।

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उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) भी संचार विंग बनाने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस बड़े आपराधिक मामलों को लेकर अपडेट देती रहेगी, ताकि लोगों तक सही सूचना पहुंच सके और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति कम फैले।

एडीजी नैयर खान ने कहा कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल साइबर अपराध के दायरे में आता है। अगर सरकार के किसी मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसर के खिलाफ आपत्तिजनक या भ्रामक टिप्पणी की गई तो शख्स के खिलाफ साइबर अपराध के तहत जांच होगी और उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट मीडिया का गलत इस्तेमाल करना साइबर अपराध के दायरे में आता है। अगर मंत्रीगण, सांसद, विधायक या सरकारी पदाधिकारियों के संबंध में अभद्र, आपत्तिजनक एवं भ्रामक टिप्पणी करने की शिकायत मिलती है तो साइबर अपराध के तहत जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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