पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक अहम फैसला लेते हुए घोषणा किया है कि, राज्य में लोगों को फ्री बिजली दी जाएगी। ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि जो उपभोक्ता तिमाही में 75 यूनिट तक की बिजली का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बिजली का बिल नहीं देना होगा।
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने फैसला किया है कि चाय के बागानों को अगले दो वित्तीय वर्ष 2020 से 2021 के बीच कोई आयकर नहीं देना होगा।
ममता सरकार ने आज अपना बजट विधानसभा में पेश किया है। 2,55,677 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की है। राज्य के वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि पश्चिम बंगाल के बजट में अगले तीन साल में 100 लघु एवं मझोले उद्योग पार्क बनाने का प्रस्ताव है। 2020-21 के लिए इस मद में 200 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
वहीं, बंगाल सरकार ने एक नई योजना शुरू की है जिसे ‘बंधु प्रकल्प’ कहा गया है। इस योजना के तहत, अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, जिन्हें किसी अन्य पेंशन योजना के तहत कवर नहीं किया गया है, उन्हें 1000 रुपए की मासिक पेंशन दी जाएगी।
बताते चले कि, झारखंड सरकार भी दिल्ली की तरह झारखंड में घरेलू उपयोग के लिए फ्री बिजली देने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऊर्जा विभाग 100 यूनिट फ्री बिजली का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। यह झारखंड मुक्ति मोर्चा की घोषणा में शामिल है। वहीं, दिल्ली की केजरीवाल सरकार लोगों को 200 यूनिट तक फ्री बिजली दे रही है।