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काबुल एयरपोर्ट पर अज्ञात हमलावरों ने की अफगानी सेना पर फायरिंग, एक अफगान जवान की मौत

तालिबान के कब्जे के बाद पूरे अफगानिस्तान में दहशत का माहौल है। कई लोग डर के कारण देश को छोड़कर भाग रहे हैं। इन सब के बीच कई दूसरे आतंकी संगठन भी इसका फायदा लेने की कोशिश में लगे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, काबुल एयरपोर्ट पर सोमवार को अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की है।

By: Amit ranjan 
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काबुल एयरपोर्ट पर अज्ञात हमलावरों ने की अफगानी सेना पर फायरिंग, एक अफगान जवान की मौत

नई दिल्ली : तालिबान के कब्जे के बाद पूरे अफगानिस्तान में दहशत का माहौल है। कई लोग डर के कारण देश को छोड़कर भाग रहे हैं। इन सब के बीच कई दूसरे आतंकी संगठन भी इसका फायदा लेने की कोशिश में लगे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, काबुल एयरपोर्ट पर सोमवार को अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की है। इसमें अफगानी सुरक्षा बल के एक जवान की मौत हो गई है। वहीं, तीन अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।

खबरों की मानें तो अमेरिका और जर्मनी के सुरक्षा बलों ने आज अज्ञात बंदूधारियों की गोलीबारी पर जवाबी कार्रवाई की है। जर्मन सेना ने कहा है कि जर्मन और अमेरिकी सेना आज काबुल हवाई अड्डे के उत्तरी गेट पर एक गनबैटल में तब शामिल हो गईं, जब अफगान गार्ड और अज्ञात हमलावरों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जिसमें एक अफगान गार्ड की मौत हो गई।

 

बता दें कि काबुल एयरपोर्ट पर विमान में सवार होने के लिए भीड़ इस तरह जुट रही है जैसे कोई बस स्टेशन हो या रेलवे का अनारक्षित डब्बा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं कई तस्वीरों में विमान के रनवे पर दौड़ने के साथ उसके पास जुटी लोगों की भीड़ भी दौड़ती दिखाई दी थी। इस स्थिति में भीड़ बेकाबू हो जाती है और सेना के जवानों को फायरिंग करनी पड़ती है।

वहीं इस हफ्ते की शुरुआत में भी काबुल एयरपोर्ट पर देश छोड़ने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी और तब भी भगदड़ मच गई थी। इस बीच फायरिंग हुई थी, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बीते रविवार को दोबारा फायरिंग हुई जिसमें सात लोगों की जान चली गई।

अफगानिस्तान में महिलाएं और बच्चों पर तालिबानी हमला

बता दें कि तालिबानियों के शिकार सबसे अधिक महिलाएं और बच्चे हो रहे हैं। काबुल से आ रहीं तस्वीरें इसे मजबूती से बयां करती हैं। कोई मां अपने बच्चों से बिछड़ रही है। कोई मां अपने बच्चों को जानबूझकर खुद से दूर भेज रही है, ताकि उनकी आबरू को खतरा न हो और उन्हें नई जिंदगी मिल सके।

अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा

बता दें कि अफगानिस्तान पर 20 साल के बाद एक बार फिर तालिबान का कब्जा हो गया है। उसने देश के राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा जमा लिया है। वहीं देश में स्थिति भयावह बनी हुई है। लोग बिना सामान लिए देश छोड़कर भाग रहे हैं।

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