नई दिल्ली : वर्दी का रूतबा तो देखिये साहब, यहां के अधिकारी सीएम ऑफिस से आने वाले फोन का भा जवाब देना जरूरी नहीं समझते। क्योंकि वो खुद को सीएम से भी ऊपर मान बैठे है। अगर ऐसा नहीं होता तो वो सीएम ऑफिस से आने वाले फोन को रिसीव जरूर करते। आपको बता दें कि अधिकारियों के इन्हीं लापरवाहियों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने उन तमाम अधिकारियों को नोटिस भेजा है और तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। जिसमें 25 जिलाधिकारी और 4 कमिश्नर है।
बता दें कि जिन कमिश्नर से जवाब मांगा गया है, उनमें वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली के कमिश्नर शामिल हैं। वहीं जिन जिलों के डीएम ने फोन नहीं उठाया, वो है- गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बदायूं, अलीगढ़, कन्नौज, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, फिरोजाबाद, हापुड़, अमरोहा, पीलीभीत, बलरामपुर, गोंडा, जालौन, कुशीनगर, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर झांसी, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और बरेली।
इसके अलावा आगरा मंडल के किसी जिले के एसपी-एसएसपी ने फोन नहीं उठाया। अलीगढ़, प्रयागराज, कानपुर नगर, रायबरेली, कन्नौज, औरया, कुशीनगर, जालौन के एसएसपी का फोन नहीं उठा। गौरतलब है कि सीएम योगी को पिछले कई समयों से जिलाधिकारी और कमिश्नरों द्वारा सरकारी फोन रिसीव नहीं करने की शिकायत आ रही थी। जिसके बाद इसकी हकीकत को जानने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सचिवालय को निर्देश दिया, जिसके बाद प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी और कमिश्नर को फ़ोन मिलाया गया लेकिन ज़्यादातर ज़िलों में फ़ोन किसी ने नहीं उठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने उनको नोटिस जारी किया गया है।