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मोहखेड़ पंचायत में सीमेंट स्लैब की जगह टाइल्स लगाने से उजागर हुई गुणवत्ता और भ्रष्टाचार की पोल

छिंदवाड़ा जिले की मोहखेड़ पंचायत में नाली निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमेंट स्लैब की जगह घटिया तरीके से टाइल्स लगाई गईं, जिससे निर्माण कुछ ही दिनों में टूटने लगा। इससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने पहले भी अनियमितताओं की शिकायतें की थीं, लेकिन कार्रवाई न होने से नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

By: Nivedita 
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मोहखेड़ पंचायत में सीमेंट स्लैब की जगह टाइल्स लगाने से उजागर हुई गुणवत्ता और भ्रष्टाचार की पोल

छिंदवाड़ा जिले की मोहखेड़ पंचायत में जिला पंचायत निधि से स्वीकृत नाली निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करते हुए सीमेंट स्लैब की जगह सीधे टाइल्स लगा दी गईं, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।

निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी

स्थानीय लोगों के अनुसार नाली निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। मजबूती के लिए सीमेंट स्लैब की बजाय टाइल्स बिछाई गईं, जो कुछ ही समय में टूटने लगीं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों में हादसे का डर

ग्रामीणों का कहना है कि कमजोर निर्माण के कारण नाली पर चलना जोखिम भरा हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थान हादसे का कारण बन सकता है। लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण में केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।

पहले भी सामने आ चुके हैं अनियमितताओं के मामले

ग्रामीणों ने बताया कि इसी पंचायत में पहले भी मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं, जिनकी जांच में गड़बड़ियां पाई गई थीं। हालांकि कार्रवाई नहीं होने से स्थिति में सुधार नहीं हो सका।

प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जांच रिपोर्ट के बावजूद जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य को संरक्षण मिल रहा है।

जांच और कार्रवाई की मांग तेज

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की दोबारा जांच कर सुधार करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके।

 

 

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