1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. श्रद्धालुओं के लिए खोले गये भगवान जगन्नाथ मंदिर के द्वार, भक्तों को मिलेगी दर्शन की अनुमति, लेकिन इन शर्तों के साथ

श्रद्धालुओं के लिए खोले गये भगवान जगन्नाथ मंदिर के द्वार, भक्तों को मिलेगी दर्शन की अनुमति, लेकिन इन शर्तों के साथ

ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर का द्वार श्रद्धालुओं के लिए आज से खोल दी गई है। जिससे भक्तजन भगवान जगन्नाथ का दर्शन कर सकते है। मंदिर में प्रवेश को लेकर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन्स और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।

By: Amit ranjan 
Updated:
श्रद्धालुओं के लिए खोले गये भगवान जगन्नाथ मंदिर के द्वार, भक्तों को मिलेगी दर्शन की अनुमति, लेकिन इन शर्तों के साथ

नई दिल्ली : ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर का द्वार श्रद्धालुओं के लिए आज से खोल दी गई है। जिससे भक्तजन भगवान जगन्नाथ का दर्शन कर सकते है। मंदिर में प्रवेश को लेकर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन्स और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। मंदिर प्रशासन की ओर से जारी बयान के मुताबिक 23 अगस्त से सभी भक्तों को दर्शन के लिए प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

बता दें कि कोरोना के प्रतिबंधों के कारण पिछले तीन महीने से ज्यादा समय से मंदिर बंद कर दी गई थी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मंदिर प्रशासन ने कहा है कि पुरी नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ही 20 अगस्त तक दर्शन के लिए अनुमति मिलेगी।

मंदिर में दर्शन के लिए समय भी तय कर दिया गया है। दर्शन सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक होगा। मंदिर को फिर से खोलने के नए गाइडलाइन्स के मुताबिक मंदिर सभी वीकेंड और प्रमुख त्योहारों के मौके पर पट बंद रहेगा।

मंदिर प्रशासन की ओर से यह भी फैसला लिया गया है कि किसी भी त्योहारों में भीड़ की संख्या और कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए मंदिर को प्रमुख उत्सव के दौरान बंद रखा जाएगा। वहीं राज्य के बाहर से दर्शन करने पहुंचे भक्तों के लिए 96 घंटे के भीतर आरटी-पीसीआर टेस्ट या कोविड-वैक्सीनेसन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा।

बता दें कि इससे पहले 11 अगस्त को मंदिर प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया था कि मंदिर को खोलने को लेकर मुख्य प्रशासक डॉ कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। बैठक में मंदिर खोलने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। यह चर्चा कोरोना समेत कई अन्य मुद्दों को ध्यान में रखकर हुई थी।

बता दें कि इसी साल कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच भगवान जगन्नाथ मंदिर का पट 24 अप्रैल को बंद कर दिया गया था।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...