नई दिल्ली : शादी के सभी रस्म-रिवाज हो गये, सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया, लेकिन महज कुछ घंटों बाद ही साथ छोड़ गई। वहीं जो पति अपनी पत्नी को ब्याह कर घर लेने को आया था, उसे अपनी पत्नी को श्मशान घाट ले जाना पड़ा, जहां उसने परंपरा अनुसार मुखाग्नि भी दी। वहीं उस पिता को अपने आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था, कि जिसने कोरोना के सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए अपनी बेटी की ब्याह की, उसकी डोली की जगह, घर से अर्थी निकली। आपको बता दें कि इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।

बता दें कि यह घटना बिहार जिले के मुंगेर के अफजल नगर पंचायत के खुदिया गांव का है। यहां रंजन यादव उर्फ रंजय की बेटी निशा कुमारी की शादी को लेकर परिवार के लोग काफी खुश और उत्साहित थे। तय समय के मुताबिक आठ मई हवेली खड़गपुर प्रखंड के महकोला गांव से सुरेश यादव के बेटे रवीश की बारात पहुंची। शादी ब्याह की रस्म पूरी की गई। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए कुछ ही संख्या में बाराती पहुंचे। शादी को लेकर दोनों परिजनों में उत्साह था।
सात फेरे लेने और सिंदूरदान के बाद बिगड़ी दुल्हन की तबीयत
शादी को लेकर सभी विधि-विधान चल रहे थे। दुल्हा और दुल्हन सात फेरे ले लिए थे और दुल्हा ने दुल्हन की मांग भी भर दी थी, इसके बाद अचानक दुल्हन बनी निशा की तबीयत बिगड़ गई। दोनों ओर के परिजनों ने आनन-फानन में दुल्हन निशा को तारापुर स्थित सामुदायिक केंद्र लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान ही निशा ने लाल सुर्ख जोड़े में अंतिम सांस ली।

भागलपुर के प्राइवेट अस्पताल में तोड़ा दम
आपको बता दें कि इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। लोग हतप्रभ कहने लगे कि अभी कुछ ही समय पहले दुल्हे के साथ निशा ने जीवनभर साथ निभाने का वादा किया था और कुछ ही घंटों में साथ छोड़ दिया। इसके बाद दुल्हन निशा के साथ सात फेरे लेने वाले पति रवीश के सामने अजीब स्थिति हो गई, जहां वह अपने साथ अपनी पत्नी को विदा कर अपने घर महकोला ले जाने के लिए आए थे, वहीं उन्हें सीधे श्मशान ले जाना पड़ा।

डोली की जगह उठी अर्थी, पति ने दी मुखाग्नि
सुल्तानगंज श्मशान घाट पर रवीश ने सनातन परंपरा के मुताबिक मुखग्नि दी और कुछ ही घंटे पहले पत्नी बनी निशा को अंतिम विदाई दी। अफजल नगर पंचायत के मुखिया ऋषि कुमार सुमन कहते हैं कि भगवान जिसकी आयु जितनी लिखी हो। परमात्मा के सामने हमलोगों की क्या बिसात। उन्होंने कहा कि बड़े उत्साह के साथ शादी हुई थी, कोरोना गाइडलाइन का भी पूरा पालन किया गया था, लेकिन ईश्वर को जो मंजूर हो।