School News in Hindi

स्कूल की बाउंड्रीवाल निर्माण में भ्रष्टाचारः ठेकेदार, सरपंच सचिव और इंजीनियर की मिलीभगत का आरोप

स्कूल की बाउंड्रीवाल निर्माण में भ्रष्टाचारः ठेकेदार, सरपंच सचिव और इंजीनियर की मिलीभगत का आरोप

मजदूरों का कहना था कि ठेकेदार द्वारा आठ एमएम का सरिया लगवाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि नीचे जमीन पर ही बीम ढलवाया जा रहा है जो गलत है। साथ ही मजदूरों ने ठेकेदार पर कम मजदूरी देने का भी आरोप लगाया है।

‘मधुशाला’ पर बवाल! स्कूल और मंदिर के पास जाम को लेकर रहवासियों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

‘मधुशाला’ पर बवाल! स्कूल और मंदिर के पास जाम को लेकर रहवासियों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

वई जनपद पंचायत अध्यक्ष मोहनी आनंद मिश्रा ने आज बुधवार 8 अप्रैल को अब सीधे कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि शराब पीकर लोग ऐसी गाली-गलौज और बवाल काटते हैं कि बेटियों का घर से निकलना दूभर हो गया है।

सीएम राइज स्कूल में ‘स्कूल चले हम’ अभियान का शुभारंभ, मंत्री इंदर सिंह परमार ने छात्रों को किया प्रोत्साहित

सीएम राइज स्कूल में ‘स्कूल चले हम’ अभियान का शुभारंभ, मंत्री इंदर सिंह परमार ने छात्रों को किया प्रोत्साहित

कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। मंत्री परमार ने पिछले सत्र में उत्कर्ष अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया “स्कूल चले हम” अभियान का शुभारंभ, स्कूली बच्चों को बांटी साइकिल

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया “स्कूल चले हम” अभियान का शुभारंभ, स्कूली बच्चों को बांटी साइकिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को साइकिल वितरण किया। यह अभियान बच्चों के सिर्फ विद्यालय तक नहीं ले जाता बल्कि उन्हें बेहतर जागरुक और सशक्त नागरिक बनाने की राह भी दिखाता है।

खांडाबड़ पंचायत के स्कूल बदहाल, मूलभूत सुविधाओं से वंचित आदिवासी छात्र

खांडाबड़ पंचायत के स्कूल बदहाल, मूलभूत सुविधाओं से वंचित आदिवासी छात्र

बंदरझिरी स्कूल में दूसरे स्कूल के बच्चों को शिफ्ट किया गया जहां केवल दो कमरे हैं। एक कमरे में एक स्कूल के बच्चे बढ़ते हैं जबकि दूसरे कमरे में दूसरे स्कूल के बच्चे बैठने को मजबूर हैं। पहले यहां गांव के बच्चे अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते थे। इतनी भीड़ में न तो बच्चों को बैठने की जगह मिलती है और न ही पढ़ाई का सही माहौल।