यह प्रदर्शन सिर्फ विरोध नहीं था, बल्कि उन सैकड़ों मजदूरों की पीड़ा की आवाज थी, जो 1998-99 में मिल बंद होने के बाद से आज तक अपनी पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य बकाया के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
यह प्रदर्शन सिर्फ विरोध नहीं था, बल्कि उन सैकड़ों मजदूरों की पीड़ा की आवाज थी, जो 1998-99 में मिल बंद होने के बाद से आज तक अपनी पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य बकाया के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
बीजेपी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए रीना बोरासी ने कहा कि, महिला आरक्षण बिल के समर्थन में कांग्रेस है और इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए। यह महिला आरक्षण के आड़ में परिसीमन लागू कर रहे थे। विरोध परिसीमन बिल का था।
NSUI के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि महिला आरक्षण सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का सवाल है।
लंबित मानदेय और एरियर की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं ने जमकर की नारेबाजी। मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन