Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे चरण का मतदान आज यानी 7 मई को संपन्न कराया जाएगा। मतदान से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। मध्य प्रदेश के चंबल बेल्ट में भी प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से निपटने के लिए पहले ही व्यवस्था चाक-चौबंद कर ली गई है। यहां जिला प्रशासन ने चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए बुलडोजर का सहारा लिया है।
यहां के कलेक्टर अंकित अस्थाना मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रशासन ने संवेदनशील और अतिसंवेदन शील मतदान केन्द्रों पर हिंसा फैलाने वाले लोगों को चिन्हित किया है तथा उनके घरों पर नोटिस भी चिपका दिया है कि अगर मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा-झड़प या माहौल खराब करने की कोशिश की तो घर पर सीधे बुलडोजर चल जाएगा।
इसके लिए यहां के प्रशासन ने करीब 50 बुलडोजर तैनात किए हैं और यहां की सड़कों पर फ्लैग मार्च निकालते हुए उपद्रवियों को चेताया जा रहा है। इस फ्लैग मार्च में बुलडोजर भी साथ चल रहा है, जिस पर एक बैनर चस्पा है। बैनर पर लिखा है – मतदान में अगर किया व्यवधान, तब शुरू होगा मेरा काम..!
इसके साथ ही निषेधात्मक अवधि शुरू हो जाने के कारण चुनाव प्रचार पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस दौरान प्रत्याशी केवल व्यक्तिगत स्तर पर ही जनसंपर्क कर सकेंगे। साथ ही पंचायतों से लेकर हर पोलिंग बूथ पर पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र चिन्हित कर लिए गए हैं और वहां पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के आदेश दे दिए गए हैं।
प्रशासन ने एहतियातन संवेदनशील मतदान केंद्रों के आस-पास बुलडोजर भी तैनात कर दिए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने की स्थित पर उससे निपटा जा सके। गौरतलब है कि हाल के दिनों में अपराधियों से निपटने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल बढ़ा है, ऐसे में मुरैना प्रशासन भी इसका उपयोग कर रहा है। प्रशासन ने चेतावनी भी दी है कि अगर किसी ने हिंसा फैलाने या फिर गड़बड़ी करने की कोशिश की तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा।
एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि लोकसभा चुनाव शांति से संपन्न कराने के लिए तकरीबन पांच हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस व एसएफ बल की तैनाती की जाएगी।
बीते विधानसभा चुनाव में भी हुई थी हिंसा
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में मुरैना में हिंसा देखने को मिली थी. खासकर दिमनी क्षेत्र के तोमरघार में। इस बार भी शिवमंगल सिंह तोमर भाजपा प्रत्याशी इस इलाके से आते हैं।
मुरैना पुलिस-प्रशासन के लिए लोकसभा चुनाव संपन्न बड़ी चुनौती है। कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी दोनों ही क्षत्रिय समाज से आते हैं। ऐसे में हिंसा होने का इनपुट प्रशासन को भी मिला है।