नई दिल्ली : शादी को दो साल हो गए हैं, लेकिन थाना में कामकाज अधिक होने से दरोगा जी घर में समय नहीं दे पा रहे थे। पत्नी ने कई बार टोका, लेकिन वह व्यस्तता के चलते ज्यादा देर तक बात नहीं करते। कभी मोबाइल में तो कभी फाइलों में घिरे रहते। दारोगा जी हमेशा अपने काम में व्यस्त रहते, जिस वजह से उनकी पत्नी काफी तनाव में आ गयीं।

अब आलम ये हो गया कि छोटी छोटी बातों पर दारोगा जी और उनकी पत्नी का झगड़ा शुरू हो गया। जिसे लेकर वो लगातार चिंतिंत होने लगे। दारोगा को जब इस बात की भनक लगी कि परिवार परामर्श केंद्र में नाम गोपनीय रखते हुए कार्रवाई की जाती है और पति-पत्नी के बीच की दूरी को मिटा दिया जाता है। इसके बाद रविवार को दारोगा ने केंद्र प्रभारी कमर सुल्तान से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वह पत्नी की काउंसिलिंग कराना चाहते हैं।
इसके बाद दोनों पति-पत्नी एक ही बाइक से पुलिस लाइन में काउंसलर के पास पहुंचे। कॉउंसलर्स ने दोनों की परेशानियों को बड़ी बारीकी से सुना। जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक कमर सुल्ताना ने दरोगा की पत्नी को समझाया कि हर पुलिसकर्मी काम को प्राथमिकता देता है। पुलिस की नौकरी का कोई समय निश्चित नहीं होता। इसलिए इसमें तनाव में आने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने दारोगा को भी ये समझाया कि वह जब भी घर आएं, पत्नी से बात करें। उनकी समस्या का ख्याल रखें। सप्ताह में एक दिन बाहर घुमाने और खिलाने लेकर जाएं। कॉउंसलिंग होने के बाद दोनों अपने घर चले गए।
आपको बता दें कि ये घटना आगरा जिले के एक थाने में तैनात दारोगा की थीं, जो अपने आम ज़िन्दगी से काफी परेशान था।