सोनीपत में ट्रैफिक डयूटी में तैनात एक होम गार्ड के जवान को बाइक सवार तीन युवकों ने फिल्मी स्टाइल में गले से पकड़ा और उसे सड़क पर घसीटते हुए लेकर फरार हो गए। होम गार्ड के जवान ने पुलिस टीम के साथ नाकेबंदी के दौरान इन युवकों को रूकने का इशारा किया था। ऐसे में युवकों ने बाइक को हलका धीमा किया और होम गार्ड जवान को धर लिया। करीब आधा किलोमीटर के बाद बाइक पर सवार युवक जवान को सड़क के बीचों बीच फेंक कर फरार हो गए।

शुक्र यह रहा कि इसी दौरान सामने से आ रही एक कार और स्कूटी ने जैसे-तैसे संतुलन बनाया। अन्यथा जवान इनके नीचे आ सकता था। बात यहीं खत्म नहीं हुई। इससे भी अचरज की बात यह है कि अपने ही साथी के साथ हुए हादसे के बावजूद पुलिस ने इसमें कारवाई करने में आनाकानी की। बाद में जब मामला आला अधिकारियों तक पहुंचाने की बात सामने आई, तो पुलिस ने घायल का मेडिकल कराया और पीजीआई में इलाज दिलाने के बाद उसे घर पहुंचाया।

इधर, इस हादसे में घायल होमगार्ड जवान जयदीप आर्य का कहना है कि उनके साथ जो कुछ हुआ, वह डयूटी के दौरान हुआ। वह पुलिस के साथ मिलकर नियम तोड़ने वालों पर कारवाई के लिए तैनात हुए थे। वह उनको रोकना चाहता था, लेकिन उन्होंने उसे गले और हाथ से पकड़ा और घसीट कर ले गए। जयदीप ने पुलिस की कारवाई से लेकर इलाज तक में बरती गई लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है और कहा है कि अगर वह मौत का शिकार हो जाता, तो उनके परिवार का क्या होता।