नई दिल्ली : कहा जाता है कि वक्त किसी का मोहताज नहीं होता, लेकिन जब वक्त होने पर भी वक्त ही उस वक्त का मजाक बनाये तो कैसा लगेगा। ऐसा लगेगा, जैसा मानों ईश्वर हमसे रूठ गया है, कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा आने वाली है। ऐसा ही कुछ शायद उस मां को भी लग रहा होगा, जिसपर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा।

गौरतलब है कि इन दिनों पूरा देश कोरोना महामारी जैसे महासंकट जूझ रहा है, जिस कारण अन्य बीमारियों से संक्रमित लोगों को भी संकट से दो-चार होना पड़ रहा है। एक ऐसा ही हृदयविदारक मामला यूपी के वाराणसी शहर से सामने आया है, जो किसी को भी झकझोर कर रख दें। दरअसल वाराणसी के BHU के सुंदरलाल चिकित्सालय में बुजुर्ग मां अपने बेटे की किडनी की समस्या के इलाज के लिए पहुंची थी। लेकिन वक्त पर इलाज नहीं हो पाया तो बेटे की मौत हो गई। मौत के बाद एम्बुलेंस नहीं मिली, जिसके बाद मां ने अपने बेटे के शव को ले जाने के लिए ई-रिक्शा का सहारा लिया और अपने उस कलेजे के टुकड़ों को पैरों के पास रखकर ले गई। हालांकि इस दौरान मां अपने बेटे को इस तरह देखकर खुद को संभाल नहीं सकीं और फूट-फूटकर रोती नजर आई।
खबरों के मुताबिक, जिस युवक की मृत्यु हुई है वह जौनपुर का निवासी है। ये मुंबई में काम करता था, लेकिन शादी के किसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यहां आया हुआ था। अचानक उसकी तबियत बिगड़ने के दौरान इलाज के लिए वाराणसी लाया गया, लेकिन उसे यहां पर भर्ती नहीं किया गया। ऐसे में युवक की मौत इलाज के इंतजार में हो गई।
आपको बता दें कि इन दिनों कोरोना महामारी के दौरान इस वक्त प्रदेश के हर अस्पताल का हाल बुरा है। वाराणसी की भी ऐसी ही हालत है, यहां अस्पतालों में बेड्स नहीं मिल रहे हैं और ऑक्सीजन की काफी किल्लत हो गई है। हालात ऐसे हो गए हैं कि बीते दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट को वाराणसी समेत पांच शहरों में लॉकडाउन लगाने के निर्देश देने पड़े। हालांकि, अभी यूपी सरकार ने लॉकडाउन लगाने से इनकार किया है, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मोहर लगाई है। हालांकि उन्होंने सरकार से कोरोना को लेकर उठाये गये कदमों के बारे में हाइकोर्ट को रूबरू कराने को कहा है, जिसके लिए उन्होंने 15 दिनों का समय दिया है।
अगर हम वाराणसी जिले में कोरोना वायरस के आंकड़ों पर नज़र डालें तो यहां बीते दिन 2600 से अधिक मामले सामने आए थे। इस वक्त वाराणसी में 16,152 एक्टिव केस हैं। जबकि अबतक यहां पर 525 लोगों की जान चली गई है। प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस के मामले में वाराणसी इस वक्त दूसरे नंबर पर है, जबकि लखनऊ का पहला स्थान है।