कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के आरोप मामले में वह जेल में सजा काट रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को वह जमानत मांगने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने इस मामले में कहा कि, होली की छुट्टी के बाद जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि, 1947 में विभाजन के दौरान नरसंहार हुआ था। सत्तीस साल बाद भी देश की राजधानी दिल्ली में ऐसी ही एक घटना देखने को मिली, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। तो वहीं, अभियुक्तों ने राजनीतिक संरक्षण का फायदा लिया और मुकदमों से भागते रहे।
आपको बता दें कि, दिल्ली की एक निचली कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार को अप्रैल 2013 में दिल्ली छावनी में पांच सिखों की हत्या के मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इस कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की थी। इसके अलावा, कैप्टन भागमल, पूर्व पार्षद बलवान यादव और गिरधारी लाल को भी उम्र कैद की सजा सुनाई गई है।