इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में जोरदार उत्साह देखने को मिला था। इस आईपीओ को हांगकांग और शंघाई में दोहरी सूचीबद्धता के लिए व्यक्तिगत निवेशकों से तीन लाख करोड़ डॉलर की बोलियां मिली थीं, जो ब्रिटेन की पिछले साल की जीडीपी के बराबर हैं। ऐंट ग्रुप इस आईपीओ के जरिए करीब 35 बिलियन डॉलर जुटाना चाहता था।
अलीबाबा ग्रुप की ऐंट में 33 फीसद हिस्सेदारी है। इस तरह शंघाई स्टॉक एक्सचेंज द्वारा आईपीओ को सस्पेंड करने से जैक मा को बड़ा झटका लगा है। आईपीओ के स्थगित होने के बाद अलीबाबा के शेयर सात फीसद लुढ़क गए हैं। चीन का ऐंट ग्रुप कई तरह के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स का परिचालन करता है। इन प्रोडक्ट्स में चीन का अलीपे डिजिटल वॉलेट भी शामिल है। यह विश्व के सबसे बड़े मनी मार्केट फंड्स में से एक है। ऐंट ग्रुप की कुल वैल्यू न्यूनतम 150 बिलियन डॉलर है।
ऐंट ग्रुप अपने शेयरों को शंघाई और हांगकांग के बाजारों में सूचीबद्ध कराने की योजना बना रहा था। अगर यह आईपीओ सफल रहता, तो यह इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होता। इससे पहले दुनिया की दिग्गज तेल कंपनी सऊदी अरामको ने 29 अरब डॉलर की शेयर बिक्री पेशकश की थी।
Ant Group faces growing Chinese pressure over potential risks in its online lending business, with co-founder Jack Ma and other executives summoned to an unusual meeting with regulators just ahead of its record-breaking IPO this weekhttps://t.co/L8J7Pi2QH2@AFPgraphics pic.twitter.com/EZWJZJD1kV
— AFP News Agency (@AFP) November 3, 2020
इस आईपीओ में निवेशकों द्वारा जबरदस्त बोलियां लगाई गई थीं। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग के अनुसार, हांगकांग में बिडिंग इतनी ज्यादा थी कि एक ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ गया। यहां भारी तादात में बोलियां आई थीं। शंघाई की बात करें, तो यहां खुदरा श्रेणी में डिमांड सप्लाई से 870 गुना अधिक रही।