1. हिन्दी समाचार
  2. Breaking News
  3. PM मोदी से मिले चीनी विदेश मंत्री वांग यी, SCO समिट से पहले अहम वार्ता

PM मोदी से मिले चीनी विदेश मंत्री वांग यी, SCO समिट से पहले अहम वार्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने पर चर्चा हुई।

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
PM मोदी से मिले चीनी विदेश मंत्री वांग यी, SCO समिट से पहले अहम वार्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों, सीमा मामलों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल हुए, जो सीमा वार्ता के लिए दोनों देशों के अपॉइंटेड स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव हैं। इस बैठक का मकसद चीन और भारत के बीच शांति और सहयोग बनाए रखना तथा आपसी संबंधों को बेहतर बनाना था।

इससे पहले सोमवार को वांग यी ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की थी, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधों पर बातचीत हुई। पीएम मोदी की वांग यी के साथ हुई बैठक का विशेष महत्व इस दृष्टि से है कि अगले हफ्ते भारत शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में शामिल होने के लिए चीन जाएगा। इस समिट के दौरान दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर और गहन चर्चा होने की संभावना है।

अजीत डोभाल ने बैठक के बाद कहा कि पिछली बार अक्टूबर में रूस के कजान में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात सफल रही थी। उस मुलाकात ने दोनों देशों के बीच नए ट्रेंड और सकारात्मक माहौल की शुरुआत की थी। इसके बाद से भारत-चीन संबंधों में मजबूती आई है और सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। डोभाल ने यह भी बताया कि वर्तमान बैठक ने दोनों देशों के बीच सहयोग, समझ और विश्वास को और बढ़ाने में मदद की है।

बैठक में सीमा विवादों के हल के साथ-साथ व्यापार, निवेश और सुरक्षा मामलों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सहमति व्यक्त की कि किसी भी विवाद का समाधान शांति, बातचीत और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए। इस तरह की द्विपक्षीय वार्ता से भारत और चीन के बीच स्थिर और सकारात्मक संबंध बनाए रखने में मदद मिलती है।

कुल मिलाकर, पीएम मोदी और वांग यी की बैठक ने न केवल भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती दी है, बल्कि सीमा पर शांति बनाए रखने और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। यह बैठक दोनों देशों के बीच विश्वास और सामंजस्य स्थापित करने में एक अहम कदम मानी जा रही है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...