प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार के बांका जिले से जुड़े कथित ₹131 करोड़ के अवैध बालू खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार, दिल्ली और राजस्थान के आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पटना जोनल यूनिट द्वारा की गई।
ईडी के अनुसार, छापेमारी महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसरों पर की गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच बांका जिले के विभिन्न बालू घाटों पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया। ईडी का कहना है कि कथित खनन का पूरा विवरण राज्य के खनन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं मिला।
मामले की तकनीकी जांच के लिए अक्टूबर 2024 में आईआईटी पटना से जियोस्पेशियल विश्लेषण कराया गया। जांच रिपोर्ट में कथित तौर पर करीब ₹131 करोड़ से अधिक मूल्य के अवैध बालू खनन का उल्लेख किया गया, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को आगे बढ़ाया गया।

ईडी ने जांच में मिले तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड को भेजी। इसके बाद खान एवं भू-तत्व विभाग ने अगस्त 2025 में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके आधार पर आगे की जांच जारी है।
ईडी की टीम ने बिहार के बांका और पटना, दिल्ली-एनसीआर तथा राजस्थान के श्रीगंगानगर और जयपुर स्थित कई परिसरों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बांका के कटोरिया बस स्टैंड के पास स्थित महादेव एन्क्लेव के कार्यालय में भी जांच की गई। समाचार लिखे जाने तक कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।